Thursday, 25 February 2016

अब्राहम लिंकन (Abraham Lincoln) विश्व के उन महान राजनेताओं में से एक थे जिन्होंने अमेरीका से गुलामी की प्रथा को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 1862 में घोषणा कर दास बने लोगों को दास प्रथा से मुक्त किया। वे कभी स्कूल नहीं गए थे लेकिन पढ़ने कि इच्छा के कारण, स्वयं ही पढ़ना-लिखना सीख लिया।
Abraham Lincoln (अब्राहम लिंकन) के जीवन में कई मुश्किलें आई –
◾वे 21 वर्ष की आयु में व्यापार में असफल रहे।
◾वे 22 वर्ष की आयु में विधानसभा के चुनाव में हार गये।
◾वे 24 वर्ष की आयु में दुबारा व्यापार में असफल रहे।
◾27 वर्ष की आयु में उन्हें नर्वस ब्रेकडाउन हो गया।
◾वे 29 वर्ष की आयु में स्पीकर का चुनाव हार गये।
◾वे 34 वर्ष की आयु में कॉग्रेशनल रेस हार गये।
◾वे 45 वर्ष की आयु में सीनेटॉरियल रेस हार गये।
◾वे 47 वर्ष की आयु में उप-राष्ट्रपति बनने से वंचित रह गये।
◾वे 49 वर्ष की आयु में सीनेट में दुबारा हार गये।

यह बहुत ही आश्चर्य का विषय कि Abraham Lincoln (अब्राहम लिंकन) स्कूल नहीं गए और वे जिंदगी में बार बार असफल हुए लेकिन फिर भी वे 52 वर्ष की उम्र में अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए।
अब्राहम लिंकन इतनी असफलता के बाद भी निराश नहीं हुए, बल्कि एक नए उत्साह और समर्पण के साथ आगे बढ़ते रहे। अन्त में उन्होंने अपने जीवन लक्ष्य को प्राप्त कर लिया और 1860 में संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए।

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