आर्डिनरी को एक्स्ट्राआर्डिनरी बनाना है तो क्या करना होगा ?
आर्डिनरी में एक्स्ट्रा जोड़ना होगा!
अगर एक ordinary student को extraordinary student बनना है तो उसे extra पढ़ाई करनी होगी ।
अगर एक ordinary player को extraordinary player बनना है तो उसे extra practice करनी होगी ।
अगर एक ordinary sales man को extraordinary sales man बनना है तो उसे extra मेहनत करनी होगी ।
Sportsman of the century का खिताब पाने वाले महान मुक्केबाज Muhammad Ali का कहना है –
“
मैं ट्रैनिंग के हर एक मिनट से नफरत करता था, लेकिन मैंने कहा, हार मत मानो। अभी सह लो और अपनी बाकी की ज़िन्दगी एक चैंपियन की तरह जियो।
तो क्या आज आप अपना extra देने को तैयार हैं, खुद को train करने के लिए तैयार हैं, extra effort करने पर होने वाले pain को सहने के लिए तैयार हैं ताकि आप अपनी बाकी की ज़िन्दगी एक champion की तरह जी सकें ?
याद रखिये extraordinary बनना talent का खेल नहीं है ये मेहनत का खेल है, ये सुबह 5 बजे उठ कर दौड़ने का खेल है ये रात -रात भर जाग कर पढ़ने का खेल है ये गर्मी -जाड़ा-बरसात हर मौसम में बाहर निकल कर customer से मिलने का खेल है।
दरअसल extraordinary बनना Input का खेल है…अगर input extraordinary होता है तो अपने आप ही output extraordinary हो जाता है।और input देना हमारे अपने हाथ में है, ऐसे में अगर हम अपने हाथ ही बाँध लें और किस्मत को दोष दें तो कुछ नहीं हो सकता। हमें मुट्ठी कसनी होगी, खुद को तैयार करना होगा…हमें किसी भी कीमत पर ईश्वर के दिए इस जीवन को सार्थक बनाना होगा
आर्डिनरी में एक्स्ट्रा जोड़ना होगा!
अगर एक ordinary student को extraordinary student बनना है तो उसे extra पढ़ाई करनी होगी ।
अगर एक ordinary player को extraordinary player बनना है तो उसे extra practice करनी होगी ।
अगर एक ordinary sales man को extraordinary sales man बनना है तो उसे extra मेहनत करनी होगी ।
Sportsman of the century का खिताब पाने वाले महान मुक्केबाज Muhammad Ali का कहना है –
“
मैं ट्रैनिंग के हर एक मिनट से नफरत करता था, लेकिन मैंने कहा, हार मत मानो। अभी सह लो और अपनी बाकी की ज़िन्दगी एक चैंपियन की तरह जियो।
तो क्या आज आप अपना extra देने को तैयार हैं, खुद को train करने के लिए तैयार हैं, extra effort करने पर होने वाले pain को सहने के लिए तैयार हैं ताकि आप अपनी बाकी की ज़िन्दगी एक champion की तरह जी सकें ?
याद रखिये extraordinary बनना talent का खेल नहीं है ये मेहनत का खेल है, ये सुबह 5 बजे उठ कर दौड़ने का खेल है ये रात -रात भर जाग कर पढ़ने का खेल है ये गर्मी -जाड़ा-बरसात हर मौसम में बाहर निकल कर customer से मिलने का खेल है।
दरअसल extraordinary बनना Input का खेल है…अगर input extraordinary होता है तो अपने आप ही output extraordinary हो जाता है।और input देना हमारे अपने हाथ में है, ऐसे में अगर हम अपने हाथ ही बाँध लें और किस्मत को दोष दें तो कुछ नहीं हो सकता। हमें मुट्ठी कसनी होगी, खुद को तैयार करना होगा…हमें किसी भी कीमत पर ईश्वर के दिए इस जीवन को सार्थक बनाना होगा
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