Monday, 29 February 2016

Sandeep Maheshwari Quotes in Hindi


संदीप माहेश्वरी के अनमोल विचार – Life Changing Quotes of Sandeep Maheshwari Sandeep Maheshwari in Hindi



 


संदीप महेश्वरी आज भारत के उन आम युवाओं में से एक है जिसने जिंदगी में कई मुसीबतों एंव असफलताओं का सामना किया लेकिन हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर अग्रसर रहे।|
sandeep maheshwari quotes in hindi
आज वे भारत के सफल युवा उद्यमियों में से एक हैं। वो Imagebazaar के CEO हैं एंव एक प्रेरक वक्ता है। Imagebazaar भारतीय images की सबसे बड़ी वेबसाइट है और imagebazaar का करोड़ों रूपए का टर्नओवर है। संदीप माहेश्वरी लोगों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाना चाहते है और इसलिए वे लगातार प्रेरक सेमिनार आयोजित करते रहते है|
Life Of Sandeep Maheshwari
नाम संदीप माहेश्वरी/ Sandeep Maheshwari
जन्म 28 सितम्बर 1980, भारत
व्यवसाय सफल उद्यमी Imagebazaar के CEO, प्रेरक वक्ता


उपलब्धि 1. पायोनीर ऑफ़ टुमारो पुरस्कार से पुरूस्कृत, 2. स्टार अचीवर अवार्ड और यंग क्रिएटिव एण्टरप्रेन्योर अवार्ड से पुरस्कृत। 3. फोटोग्राफी में विश्व रिकार्ड विजेता



संदीप माहेश्वरी के सुविचार
Hindi Quotes by Sandeep Maheshwari


Quote#1: Experience
सफलता अनुभव से आती है और अनुभव सदैव बुरे अनुभव से ही प्राप्त होता है।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#2: Move Ahead
न भागें और न ही रूकें। बस चलते रहें। यही कार्य क्षेत्र में सफलता का मूल मंत्र है।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#3: Success
सफलता के लिए ज़रूरी है कि न मैदान छोड़ा जाए और न ही इंतज़ार में समय बर्बाद किया जाए। गतिशीलता ही सफलता है।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#4: Failure
यदि आप जीतते हैं तो आप नेतृत्व करते हैं। लेकिन यदि आप हारते हैं तो भी आप मागदर्शन कर सकते हैं।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#5: Positive Thinking
मेरी तरह आप भी जि़न्दगी में असफलताओं को सफलता में बदल सकते हैं।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#6: Believe in your self
यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को खोज रहे हैं जो आपकी जि़न्दगी बदल सकता है, तो आप स्वयं के चेहरे को आइने में देखिए।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#7: Success
कामयाब होना कोई बड़ों का खेल नहीं, ये बच्चों का खेल है। यानी कामयाबी इतनी कठिन भी नहीं है।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#8: Worries
इतने व्यस्त हो जाओ कि चिंता के लिए समय ही न हो।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#9: Planning
कोई भी कार्य बिना सोच विचार के करना और कोई भी विचार बिना कार्य के करने से आपको 100 प्रतिशत असफलता प्राप्त होगी।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#10: Change
जिस व्यक्ति ने अपनी आदत बदल ली वो कल बदल जाएगा और जिसने नहीं बदली उसके साथ कल भी वही होगा जो आज तक होता आया है।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#11: Think Positive
अपने दिमाग को ऐसा प्रशिक्षण दो कि वो हर परिस्थति में अच्छा ही देखे।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#12: Need
यदि आपके पास आपकी ज़रूरत से ज़्यादा है तो उसे उनके ज़रूरतमंदों के साथ बांटिए।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#13: Height
कोई भी ऊँचाई इतनी कठिन नहीं है कि उस तक नहीं पहुँचा जा सके।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#14: Failure
आज मैं जो कुछ हूँ अपनी असफलताओं की वजह से हूँ।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#15: Listen Yourself
अगर आप महानता प्राप्त करना चाहते हैं तो दूसरों की इज़ाजत लेना बंद कर दीजिए।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#16: Mistakes
गलतियाँ ये बताती हैं कि आप प्रयास कर रहे हैं।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#17: Listen your Heart
दूसरा क्या सोचेगा ये मत सोचो। वो भी यही सोच रहा है।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#18: Love Your Life
यद्यपि आप उसे पसंद करते हैं या नहीं, यद्यपि आप उसे स्वीकार करते हैं या नहीं, यद्यपि आ उसमें विश्वास रखते हैं या नहीं लेकिन आपकी जि़न्दगी को आपको पसंद करना होगा।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#19: Dreams
मैं सपनों की दुनिया में रहकर उन सारे सपनों के सच होने के सपनों को जीता हूँ।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#20: Resolution
केवल इच्छा से कुछ परिवर्तन नहीं होता। निर्णय करने से कुछ परिवर्तन हो सकता है। लेकिन निश्चय सबकुछ बदल देता है।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#21: Laughter
स्वयं पर हँसो इससे तनाव कम होगा।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#22: Success
पहले लोग आप पर हँसेंगे और सफलता आने पर आपकी ही नकल करेंगे।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#23: Success and Failure
सफलता हमेशा अकेले में गले लगती है, लेकिन असफलता हमेशा सबके सामने तमाचा मारती है।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#24: Difficult Works
पहले कठिन काम पूरे कीजिए, आसान काम खुद-बखुद पूरे हो जायेंगे।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी


Quote#25: Time
जो मन कह रहा है उसे कीजिए क्योंकि गुज़रा समय फिर आने वाला नहीं है।
Sandeep Maheshwari संदीप माहेश्वरी

Sunday, 28 February 2016


प्लेट में खाना छोड़ने से पहले Ratan Tata का ये संदेश ज़रूर पढ़े





दुनिया के जाने-माने industrialist Ratan Tata ने अपनी एक Tweet के माध्यम से एक बहुत ही inspirational incident share किया था। आज मैं उसी ट्वीट का हिंदी अनुवाद आपसे शेयर कर रहा हूँ :



Ratan Tata Message in Hindi on Wasting Food
Ratan-Tata Story in Hindi
पैसा आपका है लेकिन संसाधन समाज के हैं!

जर्मनी एक highly industrialized देश है। ऐसे देश में, बहुत से लोग सोचेंगे कि वहां के लोग बड़ी luxurious लाइफ जीते होंगे।
जब हम हैम्बर्ग पहुंचे, मेरे कलीग्स एक रेस्टोरेंट में घुस गए, हमने देखा कि बहुत से टेबल खाली थे। वहां एक टेबल था जहाँ एक यंग कपल खाना खा रहा था। टेबल पर बस दो dishes और beer की दो bottles थीं। मैं सोच रहा था कि क्या ऐसा सिंपल खाना रोमांटिक हो सकता है, और क्या वो लड़की इस कंजूस लड़के को छोड़ेगी!
एक दूसरी टेबल पर कुछ बूढी औरतें भी थीं। जब कोई डिश सर्व की जाती तो वेटर सभी लोगों की प्लेट में खाना निकाल देता, और वो औरतें प्लेट में मौजूद खाने को पूरी तरह से ख़तम कर देतीं।
चूँकि हम भूखे थे तो हमारे लोकल कलीग ने हमारे लिए काफी कुछ आर्डर कर दिया। जब हमने खाना ख़तम किया तो भी लगभग एक-तिहाई खाना टेबल पर बचा हुआ था।




जब हम restaurant से निकल रहे थे, तो उन बूढी औरतों ने हमसे अंग्रेजी में बात की, हम समझ गए कि वे हमारे इतना अधिक खाना waste करने से नाराज़ थीं।
” हमने अपने खाने के पैसे चुका दिए हैं, हम कितना खाना छोड़ते हैं इससे आपका कोई लेना-देना नहीं है।”, मेरा कलीग उन बूढी औरतों से बोला। वे औरतें बहुत गुस्से में आ गयीं। उनमे से एक ने तुरंत अपना फ़ोन निकला और किसी को कॉल की। कुछ देर बाद, Social Security Organisation का कोई आदमी अपनी यूनिफार्म में पहुंचा। मामला समझने के बाद उसने हमारे ऊपर 50 Euro का fine लगा दिया। हम चुप थे।
ऑफिसर हमसे कठोर आवाज़ में बोला, “उतना ही order करिए जितना आप consume कर सकें, पैसा आपका है लेकिन संसाधन सोसाइटी के हैं। दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जो संसाधनों की कमी का सामना कर रहे हैं। आपके पास संसाधनों को बर्वाद करने का कोई कारण नहीं है।”
इस rich country के लोगों का mindset हम सभी को लज्जित करता है। हमे सचमुच इस पर सोचना चाहिए। हम ऐसे देश से हैं जो संसाधनों में बहुत समृद्ध नहीं है। शर्मिंदगी से बचने के लिए हम बहुत अधिक मात्रा में आर्डर कर देते हैं और दूसरों को treat देने में बहुत सा food waste कर देते हैं
The Lesson Is – अपनी खराब आदतों को बदलने के बारे में गम्भीरता से सोचें। Expecting acknowledgement, कि आप ये मैसेज पढ़ें और अपने कॉन्टेक्ट्स को फॉरवर्ड करें।
Very True- “MONEY IS YOURS BUT RESOURCES BELONG TO THE SOCIETY / पैसा आपका है लेकिन संसाधन समाज के हैं।”
दोस्तों, कोई देश महान तब बनता है जब उसके नागरिक महान बनते हैं। और महान बनना सिर्फ बड़ी-बड़ी achievements हासिल करना नही है…महान बनना हर वो छोटे-छोटे काम करना है जिससे देश मजबूत बनता है आगे बढ़ता है। खाने की बर्बादी रोकना, पानी को waste होने से बचाना, बिजली को बेकार ना करना…ये छोटे-छोटे कदम हैं जो देश को मजबूत बनाते हैं।

Saturday, 27 February 2016


Women’s Education Hindi Essay नारी शिक्षा

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Hindi Essay About Women’s Education
 Here is a short paragraph about Women’s Education
नारी शिक्षा
 कहा गया है जंहा स्त्रियों की पूजा होती है वंहा देवता निवास करते हैं । प्राचीन काल से ही नारी को ‘गृह देवी’ या ‘गृह लक्ष्मी’ कहा जाता है ।
 प्राचीन समय में नारी शिक्षा पर विशेष बल दिया जाता था । परन्तु मध्यकाल में स्त्रियों की स्थिति दयनीय हो गयी । उसका जीवन घर की चारदीवारी तक सिमित हो गया । नारी को परदे में रहने के लिए विवश किया गया । स्त्री-पुरुष जीवन-रूपी रथ के दो पहिये हैं, इसलिए पुरुष के साथ साथ स्त्री का भी शिक्षित होना जरुरी है ।
यदि माता सुशिक्षित होगी तो उसकी संतान भी सुशील और शिक्षित होगी । शिक्षित गृहणी पति के कार्यों में हाथ बंटा सकती है, परिवार को सुचारु रूप से चला सकती है । स्त्री-शिक्षा प्रसार होने से नारी आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनेगी। अपने अधिकारों और कर्त्तव्यों के प्रति सचेत होगी । आदर्श गृहणी परिवार का आभूषण और समाज का गौरव होती है ।
स्त्री के लिए किताबी शिक्षा के साथ साथ नैतिक शिक्षा भी बहुत जरुरी है । स्त्री गृह कार्य में कुशल होने के साथ साथ वह समाजसेवा में भी योगदान दे सके । नारी का योगदान समाज में सबसे ज्यादा होता है । बच्चों के लालन-पालन, शिक्षा से लेकर नौकरी तक नारी हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे है । अतः नारी को कभी कम नहीं आंकना चाहिए और उसका सदा सम्मान करना चाहिए ।
Women’s Education
 Women have been worshipped as deities in the Indian society from ancient times as ‘Home goddess’ or’ Griha Lakshmi.
Special emphasis was given to female education in ancient times. But the status of women in the Middle Ages was miserable. Her life was restricted to the four walls of the house. Woman was forced to stay in the veil.
If a woman is educated, she can educate her child. Women are nowadays learning to become financially independent and are becoming conscious of their rights




क्या आप सोच सकते है कि एक महिला जिसे चलती ट्रेन से लुटेरों ने फेंक दिया था जिसके कारण उनका एक पैर कट चुका है वह माउंट एवरेस्ट पर चढ़ सकती है! पढ़िए –
अरुणिमा सिन्हा की प्रेरणादायक कहानी
Success Story of Arunima Sinha

11 अप्रेल, 2011 ! राष्ट्रीय स्तर की वालीबॉल खिलाड़ी अरुणिमा सिन्हा, पद्मावती एक्सप्रेस में लखनऊ से दिल्ली जा रही थी| बीच रास्ते में कुछ लुटेरों ने सोने की चेन छिनने का प्रयास किया, जिसमें कामयाब न होने पर उन्होंने अरुणिमा को ट्रेन से नीचे फेंक दिया|
पास के ट्रैक पर आ रही दूसरी ट्रेन उनके बाएँ पैर के ऊपर से निकल गयी जिससे उनका पूरा शरीर खून से लथपथ हो गया| वे अपना बायाँ पैर खो चुकी थी और उनके दाएँ पैर में लोहे की छड़े डाली गयी थी| उनका चार महीने तक दिल्ली के आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) में इलाज चला|
इस हादसे ने उन्हें लोगों की नज़रों में असहाय बना दिया था और वे खुद को असहाय नहीं देखना चाहती थी|
क्रिकेटर युवराज सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने कुछ ऐसा करने की सोची ताकि वह फिर से आत्मविश्वास भरी सामान्य जिंदगी जी सके|
अब उनके कृत्रिम पैर लगाया जा चुका था और अब उनके पास एक लक्ष्य था| वह लक्ष्य था दुनिया कि सबसे ऊँची पर्वत चोटी माउंट एवेरेस्ट को फतह करना|
अब तक कोई विकलांग ऐसा नहीं कर पाया था|
एम्स से छुट्टी मिलते ही वे भारत की एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली महिला पर्वतारोही “बिछेन्द्री पॉल” से मिलने चली गई| अरुणिमा ने पॉल की निगरानी में ट्रेनिंग शुरू की|
कई मुसीबतें आई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे धीरे पर्वतारोहण की ट्रेनिंग पूरी की|

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्होंने एवरेस्ट की चढ़ाई शुरू की| 52 दिनों की कठिन चढ़ाई के बाद आखिरकार उन्होंने
21 मई 2013 को उन्होंने एवेरेस्ट फतह कर ली| एवेरस्ट फतह करने के साथ ही वे विश्व की पहली विकलांग महिला पर्वतारोही बन गई|
एवरेस्ट फतह करने के बाद भी वे रुकी नहीं| उन्होंने विश्व के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊँची पर्वत चोटियों को फतह करने का लक्ष्य रखा|
जिसमें से अब तक वे कई पर्वत चोटियों पर तिरंगा फहरा चुकी है और वे अपने इस लक्ष्य पर लगातार आगे बढ़ रही है|

वे अपने इस महान प्रयासों के साथ साथ विकलांग बच्चों के लिए “शहीद चंद्रशेखर आजाद विकलांग खेल अकादमी” भी चलाती है|
एक भयानक हादसे ने अरुणिमा की जिंदगी बदल दी| वे चाहती तो हार मानकर असहाय की जिंदगी जी सकती थी लेकिन उन्हें असहाय रहना मंजूर नहीं था| उनके हौसले और प्रयासों ने उन्हें फिर से एक नई जिंदगी दे दी|
अरुणिमा जैसे लोग भारत की शान है और यही वो लोग है, जो नए भारत का निर्माण करने में एक नींव का काम कर रहे है| युवराज सिंह से प्रेरित होकर अरुणिमा ने अपनी जिंदगी बदल दी और अब अरुणिमा कहानी हजारों लोगों की जिंदगी बदल रही है|
अरुणिमा की कहानी निराशा के अंधकार में प्रकाश की एक किरण के सामान है जो सम्पूर्ण अन्धकार को प्रकाश में बदल देती है

जो होता है, अच्छे के लिए होता है – Moral Story


अकबर बीरबल – Akbar Birbal
एक बार शहंशाह अकबर (Akbar) एंव बीरबल (Birbal) शिकार पर गए और वहां पर शिकार करते समय अकबर की अंगुली कट गयी| अकबर को बहुत दर्द हो रहा था| पास में खड़े बीरबल( Birbal ) ने कहा – “कोई बात नहीं शहंशाह, जो भी होता है अच्छे के लिए ही होता है|” अकबर( Akbar ) को बीरबल की इस बात पर क्रोध आ गया और उसने अपने सैनिकों को आदेश दिया कि बीरबल को महल ले जा कर कारागाह में डाल दिया जाये| सैनिकों ने बीरबल को बंधी बना कर कारागाह में डाल दिया एंव अकबर अकेले ही शिकार पर आगे निकल गए|
रास्ते में आदिवासियों ने जाल बिछा कर शहंशाह अकबर को बंधी बना लिया और अकबर की बली देने के लिए अपने मुखिया के पास ले गए|
जैसे ही मुखिया अकबर की बली चढाने के लिए आगे बढे तो किसी ने देखा कि अकबर की तो अंगुली कटी हुई है अर्थात् वह खंडित है इसलिए उसकी बली नहीं दी जा सकती और उन्होंने अकबर को मुक्त कर दिया| अकबर को अपनी गलती का अहसास हुआ एंव वह तुरंत बीरबल के पास पहुँचा| अकबर (Akbar) ने बीरबल को कारागाह से मुक्त किया एंव उसने बीरबल से माफ़ी मांगी कि उससे बहुत बड़ी भूल हो गयी जो उसने बीरबल (Birbal) जैसे ज्ञानी एंव दूरदृष्टि मित्र को बंधी बनाया| बीरबल ने फिर कहा – जो भी होता है अच्छे के लिए होता है| तो अकबर ने पूछा कि मेरे द्वारा तुमको बंधी बनाने में क्या अच्छा हुआ है?
बीरबल ने कहा, शहंशाह अगर आप मुझे बंधी न बनाते तो में आपके साथ शिकार पर चलता और आदिवासी मेरी बली दे देते| इस तरह बीरबल की यह बात सच हुई की जो भी होता है उसका अंतिम परिणाम अच्छा ही होता है|
दोस्त्तों यह कहानी (Moral Story) साबित करती है कि जो होता है, वह अच्छे के लिए ही होता है (Whatever happens, happens for good)| अच्छे का अर्थ उचित एंव न्यायपूर्ण परिणाम से है| दोस्तों अगर आपको ऐसे व्यक्ति के सम्बन्ध में न्याय करने के लिए बुलाया जाये जिसने कोई बुरा कार्य किया है तो आप क्या करेंगे? आप जरूर उसे ऐसी सजा देंगे या ऐसा कार्य करने को बोलेंगे जिससे कि उसको अपनी गलती का अहसास हो जाये और ऐसा करना ही सबसे न्यायपूर्ण एंव उचित होगा| दोस्तों अब प्रश्न उठता है कि सजा देने में उस व्यक्ति का क्या अच्छा हुआ जिसने कोई बुरा कार्य किया था? सजा देने में उस व्यक्ति का अच्छा ही हुआ है क्योंकि अगर उस व्यक्ति को इस बात का अहसास न हो कि उसने कुछ गलत किया है तो शायद वह व्यक्ति अपना सारा जीवन ऐसे ही बुरे कार्यो में व्यर्थ गँवा दे और जब उसके बाल सफ़ेद हो एंव दांत गिरने लगे तो इस बात पर पछताए की काश किसी ने उस वक्त सही रास्ता दिखा दिया होता तो यह जीवन (Life) व्यर्थ न जाता|


“शायद ही इस संसार में कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो मुसीबतों, कठिनाइयों, पराजय, मेहनत एंव गलतियों के बिना सफल हुआ हो| इसलिए हो सकता है कि आपकी मुसीबतें, कठिनाईयां, पराजय एंव गलतियाँ इस बात का सूचक है की आप जल्द ही सफल (Successful) होने वाले है|”

दोस्तों हमारे साथ भी हमेशा अच्छा ही होता है फर्क सिर्फ इस बात का है कि कुछ लोग इस बात पर विश्वास (Believe) करते है एंव हिम्मत नहीं हारते और यहीं दृढ़ निश्चय एंव विश्वास उनको सफलता (success) तक ले जाता है| वहीँ दूसरी ओर कुछ लोग ऐसी बातों पर विश्वास (Believe) नहीं करते एंव जल्द ही निराश (Disappointed) हो जाते है और यही निराशा उनको सफल (successful) होने से रोकती है|

निराशा की नींद से जागिये,
स्वंय से बात कीजिये – Talk To Yourself

कल कभी नहीं आएगा  – Tomorrow Never Comes
आगे बढिये, आज आपका है – Go Ahead, Today is Yours
आपको, आप स्वंय के अलावा दूसरा कोई नहीं रोक सकता – No One Can Stop You except Yourself

Friday, 26 February 2016

नामुनकिन कुछ भी नहीं – Wilma Rudolph Hindi Motivational Story





 


नामुनकिन कुछ भी नहीं
Wilma Rudolph Hindi Motivational Story

“Nothing is Impossible”

विल्मा रुडोल्फ का जन्म अमेरिका के टेनेसी प्रान्त के एक गरीब घर में हुआ था| चार साल की उम्र में विल्मा रूडोल्फ को पोलियो हो गया और वह विकलांग हो गई| विल्मा रूडोल्फ केलिपर्स के सहारे चलती थी। डाक्टरों ने हार मान ली और कह दिया कि वह कभी भी जमीन  पर चल नहीं पायेगी।
विल्मा रूडोल्फ की मां सकारात्मक मनोवृत्ति महिला थी और उन्होंने विल्मा को प्रेरित किया और कहा कि तुम कुछ भी कर सकती हो इस संसार में नामुनकिन कुछ भी नहीं| विल्मा ने अपनी माँ से कहा ‘‘क्या मैं दुनिया की सबसे तेज धावक बन सकती हूं ?’’
माँ ने विल्मा से कहा कि ईश्वर पर विश्वास, मेहनत और लगन से तुम जो चाहो वह प्राप्त कर सकती हो|
नौ साल की उम्र में उसने जिद करके अपने ब्रेस निकलवा दिए और चलना प्रारम्भ किया। केलिपर्स उतार देने के बाद चलने के प्रयास में वह कई बार चोटिल हुयी एंव दर्द सहन करती रही लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी एंव लगातार कोशिश करती गयी| आखिर में जीत उसी की हुयी और एक-दो वर्ष बाद वह बिना किसी सहारे के चलने में कामयाब हो गई|
उसने 13 वर्ष की उम्र में अपनी पहली दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और सबसे अंतिम स्थान पर आई। लेकिन उसने हार नहीं मानी और और लगातार दौड़ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती गयी| कई बार हारने के बावजूद वह पीछे नहीं हटी और कोशिश करती गयी| और आखिरकार एक ऐसा दिन भी आया जब उसने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर लिया।
15 वर्ष की अवस्था में उसने टेनेसी राज्य विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया जहाँ उसे कोच एड टेम्पल मिले| विल्मा ने टेम्पल को अपनी इच्छा बताई और कहा कि वह सबसे तेज धाविका बनना चाहती है| कोच ने उससे कहा – ‘‘तुम्हारी इसी इच्छाशक्ति की वजह से कोई भी तुम्हे रोक नहीं सकता और मैं इसमें तुम्हारी मदद करूँगा”.
विल्मा ने लगातार कड़ी मेहनत की एंव आख़िरकार उसे ओलम्पिक में भाग लेने का मौका मिल ही गया| विल्मा का सामना एक ऐसी धाविका (जुत्ता हेन) से हुआ जिसे अभी तक कोई नहीं हरा सका था| पहली रेस 100 मीटर की थी जिसमे विल्मा ने जुता को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया एंव दूसरी रेस (200 मीटर) में भी विल्मा के सामने जुता ही थी इसमें भी विल्मा ने जुता को हरा दिया और दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया|
तीसरी दौड़ 400 मीटर की रिले रेस थी और विल्मा का मुकाबला एक बार फिर जुत्ता से ही था। रिले में रेस का आखिरी हिस्सा टीम का सबसे तेज एथलीट ही दौड़ता है। विल्मा की टीम के तीन लोग रिले रेस के शुरूआती तीन हिस्से में दौड़े और आसानी से बेटन बदली। जब विल्मा के दौड़ने की बारी आई, उससे बेटन छूट गयी। लेकिन विल्मा ने देख लिया कि दुसरे छोर पर जुत्ता हेन तेजी से दौड़ी चली आ रही है। विल्मा ने गिरी हुई बेटन उठायी और मशीन की तरह तेजी से दौड़ी तथा जुत्ता को तीसरी बार भी हराया और अपना तीसरा गोल्ड मेडल जीता।
इस तरह एक विकलांग महिला (जिसे डॉक्टरों ने कह दिया था कि वह कभी चल नहीं पायेगी) विश्व की सबसे तेज धाविका बन गयी और यह साबित कर दिया की इस दुनिया में नामुनकिन कुछ भी नहीं (Nothing is impossible)|

मिस कॉल देकर जानिए अपना बैंक बैलेंस – How to Check Bank Balance

Check Bank Balance Through Missed call – SMS
हम में से ज्यादातर लोग जो ऑनलाइन बैंकिंग (Online Banking) नहीं करते वे अपना बैंक अकाउंट बैलेंस (Bank Balance) जानने के लिए एटीएम (ATM) जाते है और वहां पर काफी देर लाइन में खड़े होने के बाद वह अपना बैंक अकाउंट बैलेंस चेक कर पाते है | कुछ लोग तो एटीएम (ATM) का प्रयोग भी नहीं करते और बैंक में जाकर काफी देर तक इंतज़ार करने के बाद पासबुक में एंट्री करवाकर अपना बैलेंस जान पाते है|
वैसे भी अब ज्यादातर बैंकों ने महीने भर में किये जाने वाले एटीएम (ATM) लेनदेनों को सीमित कर दिया है और इन लेनदेनों में बैलेंस चेक करना या मिनी स्टेटमेंट (Mini Bank Statement) निकलवाना जैसे लेनदेन भी शामिल है| इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप तय सीमा से ज्यादा एटीएम का प्रयोग करते है तो आपको हर लेनदेन पर अलग से शुल्क चुकाना पड़ेगा|
इसीलिए आज कुछ फोन नंबर (Bank Balance Check Miss Call Phone Numbers) प्रस्तुत कर रहा हूँ जिस पर आप मिस कॉल देकर अपना बैंक अकाउंट बैलेंस (Bank Account Balance) जान सकते है| आपको यह मिस कॉल (Miss Call) अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (Registered Mobile Number) से ही करना होगा और अगर आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं है तो आप बैंक जाकर अपने मोबाइल नंबर को रजिस्टर्ड करवा सकते है|
बैलेंस जानने के लिए आपको दो रिंग का मिस कॉल (Miss Call) देना होगा और कुछ ही देर आपको एक SMS प्राप्त होगा जिसमे आपके अकाउंट बैलेंस की जानकारी होगी|
आपको अपनी बैंक के अनुसार निम्न नम्बर पर मिस कॉल देना होगा:-
1.पंजाब नेशनल बैंक (Panjab National Bank) – 18001802222
2.आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) – 02230256767, अंतिम तीन लेनदेनों के लिए – 02230256868
3.ऐक्स‍िस बैंक‍ (Axis Bank) – 09225892258
4.आंध्रा बैंक (Andhra Bank) – 09223011300
5.बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) – 09223011311
6.एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) – 18002703333, अंतिम तीन लेनदेनों के लिए – 18002703355
7.यस बैंक (Yes Bank) – 09840909000
8.स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India – SBI) – 9223866666
9.यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) – 09223009292
10.यूको बैंक (UCO Bank) – 09278792787
11.विजया बैंक (Vijaya Bank) – 18002665555, अंतिम 7 लेनदेनों के लिए – 18002665556
12.आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) – 09212993399
13.इलाहाबाद बैंक (Allahabad Bank) – 09224150150
14.धनलक्ष्मी बैंक (Dhanlaxmi Bank) – 08067747700
15.बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) – 02233598548
16.सिंडीकेट बैंक (Syndicate Bank) – 09664552255
17.केनरा बैंक (Canara Bank) – 09289292892
18.कोटक महींद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) – 18002740110
19.भारतीय महिला बैंक (Bharatiya Mahila Bank) -09212438888
20.सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) – 09222250000
21.कर्नाटका बैंक (Karnataka Bank) -18004251445, मिनी स्टेटमेंट के लिए – 18004251446
22.इंडियन बैंक (Indian Bank) – 09289592895

Thursday, 25 February 2016

बन्दर चाल – The Monkeys Experiment – Story





 


Inspirational Story

एक बार कुछ बंदरों को एक बड़े से पिंजरे में डाला गया और वहां पर एक सीढी लगाई गई| सीढी के ऊपरी भाग पर कुछ केले लटका दिए गए|
उन केलों को खाने के लिए एक बन्दर सीढी के पास पहुंचा| जैसे ही वह बन्दर सीढी पर चढ़ने लगा, उस पर बहुत सारा ठंडा पानी गिरा दिया गया और उसके साथ-साथ बाकी बंदरों पर भी पानी गिरा दिया गया| पानी डालने पर वह बन्दर भाग कर एक कोने में चला गया|
थोड़ी देर बाद एक दूसरा बन्दर सीढी के पास पहुंचा| वह जैसे ही सीढी के ऊपर चढ़ने लगा, फिर से बन्दर पर ठंडा पानी गिरा दिया गया और इसकी सजा बाकि बंदरों को भी मिली और साथ-साथ दूसरे बंदरो पर भी ठंडा पानी गिरा दिया गया | ठन्डे पानी के कारण सारे बन्दर भाग कर एक कोने में चले गए|
यह प्रक्रिया चलती रही और जैसे ही कोई बन्दर सीढी पर केले खाने के लिए चढ़ता, उस पर और साथ-साथ बाकि बंदरों को इसकी सजा मिलती और उन पर ठंडा पानी डाल दिया जाता|
बहुत बार ठन्डे पानी की सजा मिलने पर बन्दर समझ गए कि अगर कोई भी उस सीढी पर चढ़ने की कोशिश करेगा तो इसकी सजा सभी को मिलेगी और उन सभी पर ठंडा पानी डाल दिया जाएगा|
अब जैसे ही कोई बन्दर सीढी के पास जाने की कोशिश करता तो बाकी सारे बन्दर उसकी पिटाई कर देते और उसे सीढी के पास जाने से रोक देते|
थोड़ी देर बाद उस बड़े से पिंजरे में से एक बन्दर को निकाल दिया गया और उसकी जगह एक नए बन्दर को डाला गया|
नए बन्दर की नजर केलों पर पड़ी| नया बन्दर वहां की परिस्थिति के बारे में नहीं जानता था इसलिए वह केले खाने के लिए सीढी की तरफ भागा| जैसे ही वह बन्दर उस सीढी की तरफ भागा, बाकि सारे बंदरों ने उसकी पिटाई कर दी|
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नया बन्दर यह समझ नहीं पा रहा था कि उसकी पिटाई क्यों हुई | लेकिन जोरदार पिटाई से डरकर उसने केले खाने का विचार छोड़ दिया|
अब फिर एक पुराने बन्दर को उस पिंजरे से निकाला गया और उसकी जगह एक नए बन्दर को पिंजरे में डाला गया| नया बन्दर बेचारा वहां की परिस्थिति को नहीं जनता था इसलिए वह केले खाने के लिए सीढी की तरफ जाने लगा और यह देखकर बाकी सारे बंदरों ने उसकी पिटाई कर दी| पिटाई करने वालों में पिछली बार आया नया बन्दर भी शामिल था जबकि उसे यह भी नहीं पता था कि यह पिटाई क्यों हो रही है|
यह प्रक्रिया चलती रही और एक-एक करके पुराने बंदरों की जगह नए बंदरों को पिंजरे में डाला जाने लगा| जैसे ही कोई नया बन्दर पिंजरे में आता और केले खाने के लिए सीढी के पास जाने लगता तो बाकी सारे बन्दर उसकी पिटाई कर देते|
अब पिंजरे में सारे नए बन्दर थे जिनके ऊपर एक बार भी ठंडा पानी नहीं डाला गया था| उनमें से किसी को यह नहीं पता था कि केले खाने के लिए सीढी के पास जाने वाले की पिटाई क्यों होती है लेकिन उन सबकी एक-एक बार पिटाई हो चुकी थी|
अब एक और बन्दर को पिंजरे में डाला गया और आश्चर्य कि फिर से वही हुआ| सारे बंदरों ने उस नए बन्दर को सीढी के पास जाने से रोक दिया और उसकी पिटाई कर दी जबकि पिटाई करने वालों में से किसी को भी यह नहीं पता था कि वह पिटाई क्यों कर रहे है|

हमारे जीवन भी ऐसा ही कुछ होता है| अन्धविश्वास और कुप्रथाओं का चलन भी कुछ इसी तरह होता है क्योंकि उन हम लोग प्रथाओं और रीति-रिवाजों के पीछे का कारण जाने बिना ही उनका पालन करते रहते है और नए कदम उठाने की हिम्मत कोई नहीं करता क्योंकि ऐसा करने पर समाज के विरोध करने का डर बना रहता है|
कोई भी कुछ नया करने की सोचता है तो उसे कहीं न कहीं लोगों के विरोध का सामना करना ही पड़ता है|
भारत की जनसँख्या 121 करोड़ से ऊपर है लेकिन भारत खेलों में बहुत पीछे है क्योंकि ज्यादातर अभिवावक अपने बच्चों को खेल के क्षेत्र में जाने से रोकते है क्योंकि बाकी सारा समाज भी ऐसा ही कर रहा है| उन्हें असफलता का डर लगा रहता है|
ये बड़ी अजीब बात है कि अभी हाल ही में उतरप्रदेश में चपरासी के सिर्फ 368 पदों के लिए 23 लाख आवेदन आए थे और उसमें से भी 1.5 लाख ग्रेजुएट्स, 25000 पोस्ट ग्रेजुएट्स थे और 250 आवेदक ऐसे थे जिन्होंने पीएचडी की हुई थी|
दूसरी तरफ भारत को आज भी विदेशों से लाखों करोड़ का सामान इम्पोर्ट करना पड़ता है और खेल जैसे क्षेत्र में भारत बहुत पीछे है|
संभावनाएं बहुत है लेकिन हम उन्हें देख नहीं पाते क्योंकि हम भीड़चाल में चलते है|
ये हमारी मानसिकता ही है जो हमें पीछे धकेल रही है| हम चाहें तो बन्दर की तरह लोगों की देखा देखी कर सकते या फिर खुद की स्वतन्त्र सोच के बल पर सफलता की सीढी चढ़ सकते है
Motivational Story in Hindi
The Shark Experiment of Limiting Beliefs
एक बार एक जीवविज्ञानी द्वारा एक एक्सपेरिमेंट किया गया | एक शार्क मछली को एक बड़े टैंक में डाला गया और कुछ छोटी मछलियों को उस टैंक में छोड़ा गया| जैसे ही शार्क ने छोटी मछलियों को टैंक में देखते ही हमला कर और उसे अपना भोजन बना लिया|
अब एक टैंक के बीचों-बीच एक मजबूत स्पष्ट कांच डालकर, टैंक को दो भागों में बाँट दिया गया| एक हिस्से में शार्क को छोड़ा गया और दूसरे हिस्से में छोटी छोटी मछलियों को छोड़ा गया|
छोटी मछलियों को देखकर, शार्क ने फिर हमला किया लेकिन बीच में स्पष्ट कांच की दीवार होने से शार्क उन छोटी मछलियों तक नहीं पहुँच पा रही थी| शार्क छोटी मछलियों तक पहुँचने का बार बार प्रयास करती और हर बार शार्क का मुंह उस कांच से टकरा जाता|
इस प्रयोग को कई हफ्तों तक दोहराया गया और हर बार शार्क छोटी मछलियों पर हमला करती लेकिन बीच में कांच की दीवार होने से वह वहां तक नहीं पहुँच पाती और कुछ समय बाद थककर हार मान लेती|
धीरे धीरे शार्क के प्रयास कम होते गए| शार्क यह समझ चुकी थी कि वह उन मछलियों तक नहीं पहुँच सकती| अब वह बहुत कम प्रयास करती और बहुत जल्द थककर हार मान लेती|
कुछ हफ़्तों बाद टैंक के बीच में लगे स्पष्ट कांच को हटा दिया गया| लेकिन आश्चर्य कि शार्क ने उन छोटी मछलियों पर हमला नहीं किया| शार्क यह मानने लगी थी कि वह कभी भी छोटी मछलियों तक नहीं पहुँच सकती और इसीलिए बीच में कोई अवरोध न होने के बावजूद शार्क ने कोई प्रयास नहीं किया|

Moral of The Inspirational Story
हम भी प्रतिकूल परिस्थियों के कारण और कुछ प्रयासों के विफल हो जाने पर प्रयास करना छोड़ देते है| हम स्वंय को अपनी ही नकारात्मक सोच के बन्धनों में बाँध देते है और यह मानने लगते है कि हमारे प्रयास कभी सफल हो ही नहीं सकते|
inspirational story
हमें कोई नहीं रोक सकता| अगर हमें कोई रोक सकता है, तो वह है हमारी खुद की सोच| जब हम सच्चे दिल से प्रयास करते है तो सारी सृष्टि हमारी मदद करने लगती है और सारे बंद दरवाजे अपने आप खुल जाते है लेकिन कई बार दुर्भाग्य से हम थोड़ा सा प्रयास करके उन दरवाजों तक पहुँचने के प्रयास भी नहीं करते|
अधूरा सच – Heart Touching Story in Hindi



 


एक 25 वर्ष का लड़का ट्रेन में सफ़र करते वक्त खिड़की से बाहर के नज़ारे को देख रहा था|
वह अचानक चिल्लाया – “पापा, वो देखो पेड़ पीछे जा रहे है!”
पिताजी मुस्कराए|
पास में बैठा एक व्यक्ति, लड़के के इस बचपने व्यवहार को देखकर हैरान था और उसे लड़के पर दया आ रही थी|
थोड़ी देर बाद लड़का फिर ख़ुशी से चिल्लाया – “देखो पापा, बादल हमारे साथ चल रहे है!”
अब पास में बैठे व्यक्ति से रहा नहीं गया और उसने कहा – “आप अपने बेटे को किसी अच्छे डॉक्टर को क्यों नहीं दिखाते?”
लड़के के पिता ने कहा – “हम अभी अस्पताल से ही आ रहे है| दरअसल मेरा बेटा जन्म से ही अँधा था और आज ही उसको आँखे मिली है| आज वह पहली बार इस संसार को देख रहा है|”



Everyone has a thier own story

हर व्यक्ति की अपनी एक कहानी होती है| सम्पूर्ण सच को जाने बिना किसी के भी व्यवहार के बारे में निर्णय नहीं करना चाहिए| हो सकता है कि जो दिख रहा है वह सम्पूर्ण सच न हो|
Don’t judge people before you truly know them. The truth might surprise you.Think before you say something
स्टीफन हॉकिंग जिन्होंने मौत को मात दे दी – Inspirational Life Story of Stephen Hawking



 


8 जनवरी 1942, को स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking) का जन्म हुआ था। हालांकि वे एक अच्छे शिक्षित परिवार में पैदा हुए थे, परन्तु उनके परिवार की आर्थिक अवस्था ठीक नहीं थी।  द्वितीय विश्व युद्ध का समय आजीविका अर्जन के लिए काफी चुनौतीपूर्ण था और एक सुरक्षित जगह की तलाश में उनका परिवार ऑक्सफोर्ड आ गया।
आप को यह जानकार अचरज होगा कि जो Stephen Hawking आज इतने महान ब्रह्मांड विज्ञानी है, उनका स्कूली जीवन बहुत उत्कृष्ट नहीं था|
वे शुरू में अपनी कक्षा में औसत से कम अंक पाने वाले छात्र थे, किन्तु उन्हें बोर्ड गेम खेलना अच्छा लगता था| उन्हें गणित में बहुत दिलचस्पी थी, यहाँ तक कि उन्होंने गणितीय समीकरणों को हल करने के लिए कुछ लोगों की मदद से पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के हिस्सों से कंप्यूटर बना दिया था|
ग्यारह वर्ष की उम्र में स्टीफन, स्कूल गए और उसके बाद यूनिवर्सिटी कॉलेज, ऑक्सफोर्ड गए| स्टीफन गणित का अध्ययन करना चाहते थे लेकिन यूनिवर्सिटी कॉलेज में गणित  उपलब्ध नहीं थी, इसलिए उन्होंने भौतिकी अपनाई।
विकलांगता – Disability
Story of Stephen Hawking
ऑक्सफोर्ड में अपने अंतिम वर्ष के दौरान हॉकिंग अक्षमता के शिकार होने लगे| उन्हें सीढ़ियाँ चढ़ने और नौकायन में कठिनाइयों का समाना करना पड़ा| धीरे-धीरे यह समस्याएं इतनी बढ़ गयीं कि उनकी बोली लड़खड़ाने लगी। अपने 21 वें जन्मदिन के शीघ्र ही बाद, उन्हें Amyotrophic Lateral Sclerosis (ALS) नामक बीमारी से ग्रसित पाया गया| इस बीमारी के कारण शरीर के सारे अंग धीरे धीरे काम करना बंद कर देते है और अंत में मरीज की म्रत्यु हो जाती है।
उस समय, डॉक्टरों ने कहा कि स्टीफन हॉकिंग दो वर्ष से अधिक नहीं जी पाएंगे और उनकी जल्द ही मृत्यु हो जाएगी|
धीरे-धीरे हॉकिंग की शारीरिक क्षमता में गिरावट आना शुरू हो गयी|  उन्होंने बैसाखी का इस्तेमाल शुरू कर दिया और नियमित रूप से व्याख्यान देना बंद कर दिया। उनके शरीर के अंग धीरे धीरे काम करना बंद हो गये और उनका शरीर धीरे धीरे एक जिन्दा लाश समान बन गया |
लेकिन हॉकिंग ने विकलांगता को अपने ऊपर हावी होने नहीं दिया। उन्होंने अपने शोध कार्य और सामान्य जिंदगी को रूकने नहीं दिया|
जैसे जैसे उन्होंने लिखने की क्षमता खोई, उन्होंने प्रतिपूरक दृश्य तरीकों का विकास किया यहाँ तक कि वह समीकरणों को ज्यामिति के संदर्भ में देखने लगे।
विकलांगता पर विजय
जब हर किसी ने आशा खो दी तब स्टीफन अपने अटूट विश्वास और प्रयासों के दम पर इतिहास लिखने की शुरुआत कर चुके थे| उन्होंने अपनी अक्षमता और बीमारी को एक वरदान के रूप में लिए । उनके ख़ुद के शब्दों में “वह कहते हैं,
“मेरी बिमारी का पता चलने से पहले, मैं जीवन से बहुत ऊब गया था| ऐसा लग रहा था कि कुछ भी करने लायक नहीं रह गया है।”
लेकिन जब उन्हें अचानक यह अहसास हुआ कि शायद वे अपनी पीएचडी भी पूरी नहीं कर पायेंगे तो उन्होंने, अपनी सारी ऊर्जा को अनुसंधान के लिए समर्पित कर दिया।
अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने यह भी उल्लेख किया है –

“21 की उम्र में मेरी सारी उम्मीदें शून्य हो गयी थी और उसके बाद जो पाया वह बोनस है ।”
उनकी उनकी बीमारी  ठीक नहीं हुयी और उनकी बीमारी ने उन्हें व्हीलचेयर पर ला दिया और उन्हें एक कंप्यूटर मशीन के माध्यम से बात करने के लिए मजबूर कर दिया, लेकिन वे कभी रुके नहीं|
उनके ख़ुद के शब्दों में

” हालांकि मैं चल नहीं सकता और कंप्यूटर के माध्यम से बात करनी पड़ती है, लेकिन अपने दिमाग से मैं आज़ाद हूँ“।“
बावजूद इसके कि स्टीफन हॉकिंग का शरीर एक जिन्दा लाश की तरह हो गया था लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी| वे यात्राएं करते है, सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेते है और आज लगभग 74 वर्ष की उम्र में निरंतर अपने शोध कार्य में लगे हुए है। उन्होंने विश्व को कई महत्वपूर्ण विचारधाराएँ प्रदान की और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपना अतुल्य योगदान दिया|
hawking's space dream
2007 में स्टेफन हाकिंग जीरो ग्रेविटी पर उड़ते हुए |
वे अंतरिक्ष में जाना चाहते है और वे कहते है कि उन्हें ख़ुशी होगी कि भले ही उनकी अंतरिक्ष में मृत्यु हो जाए|
जीने की इच्छा और चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए तत्परता से स्टेफन हाकिंग ने यह साबित कर दिया कि मृत्यु निश्चित है, लेकिन जन्म और मृत्यु के बीच कैसे जीना चाहते हैं वह  हम पर निर्भर है|
हम ख़ुद को मुश्किलों से घिरा पाकर निराशावादी नज़रिया लेकर मृत्यु का इंतज़ार कर सकतें या जीने की इच्छा और चुनौतियों को स्वीकार कर ख़ुद को अपने सपनों के प्रति समर्पित करके एक उद्देश्यपूर्ण जीवन जी सकते है|

Magical Quotes of Martin Luther King in Hindi
मार्टिन लूथर किंग के सुविचार

Quote #1: Move Ahead
suvichar hindi me padhen
यदि आप उड़ नहीं सकते, तो दौड़ो। यदि दौड़ नहीं सकते, तो चलो। यदि चल भी नहीं सकते तो रेंगते हुए चलो। लेकिन हमेशा आगे बढ़ते रहो।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #2: Love
प्रेम ही ऐसा बल है जो शत्रु को मित्र बना देता है।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #3: Positivity
अन्धकार कभी भी अन्धकार को दूर नहीं कर सकता। केवल प्रकाश ही अन्धकार को दूर कर सकता है। इसी प्रकार नफरत से नफरत दूर नहीं होती। केवल प्रेम ही नफरत को दूर कर सकता है।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #4: Peace as Means
शांति कोई लक्ष्य नहीं है जिसे हमें प्राप्त करना है पर वो साधन है जिसके द्वारा हमें लक्ष्यों को प्राप्त करना है।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #5: Discrimination
मेर सपना है कि मेरे चार बच्चे इस राष्ट्र में रह रहे हैं और उनके बीच अन्तर उनके रंग के कारण नहीं बल्कि उनके चरित्र के कारण है।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #6: Hatred
कोई भी व्यक्ति आपको इस पतन पर नहीं ले जा सकता कि आप उससे नफरत करो।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #7: Time
अच्छे कार्य करने के लिए हर समय सही होता है।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #8: Love
मैंने प्यार के साथ जुड़ने का निर्णय लिया है। नफरत का भार बहुत ज़्यादा होता है, जिसे उठाया नहीं जा सकता।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #9: The Karma
जि़न्दगी का निरंतर महत्वपूर्ण प्रश्न है कि आप दूसरों के लिए क्या कर रहे हो?
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #10: Selfishness
किसी विवाद के समापन में हम अपने शत्रुओं के कहे शब्द याद नहीं रखते बल्कि उस दौरान अपने मित्रों के मौन को याद रखते हैं।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #11: Goodness
यदि बुरा व्यक्ति कोई आधार लाता है, तो उस पर अच्छे व्यक्ति को योजना बनानी होगी। यदि बुरा व्यक्ति विध्वंस करता है, तो अच्छे व्यक्ति को निर्माण करना होगा। यदि बुरा व्यक्ति बुरे शब्दों के साथ कोई बात कहता है तो अच्छे व्यक्ति को उसमें प्यार की चमक देनी होगी।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #12: Faith
विश्वास किसी भी कार्य की पहली सीढ़ी है जब तक कि आपने संपूर्ण सीढि़यां नहीं देखी हों।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #13: Silence
हमारा जीवन उस वक्त समापन की ओर चला जाता है, जब हम उन बातों पर खामोश रहते हैं जो महत्व रखती हैं।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #14: Challenge
किसी भी व्यक्ति को जानने का पैमाना यह नहीं है कि वो आराम और सुविधा के क्षणों में कहाँ रहता है पर यह है कि वो चुनौती और विवादों के क्षणों में कहाँ पर है।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #15: Injustice
कहीं भी अन्याय का होना प्रत्येक स्थान पर न्याय के लिए खतरा है।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #16: Darkness
anmol vachan hindi me
आप केवल अन्धकार में ही सितारों को देख सकते हैं।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #17: Unity
हमें आपस में भाईयों की तरह रहना सीखना होगा या फिर हम सभी का मूर्खों की तरह विनाश हो जाएगा।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #18: Shadow
प्रत्येक वो चीज़ जिसे हम देख सकते हैं, वो उसकी परछाई है जिसे हम देख नहीं सकते।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #19: Dedication
भगवान के प्रति निरंतर और संपूर्ण समर्पण से ही प्रेम के प्रति वास्तविक अभिव्यक्ति उत्पन्न होती है।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #20: Basic Rights
एक अन्यायपूर्ण कानून को न मानना एक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #21: Ignorance
सच्ची अज्ञानता और जानबूझ कर दिखाई गई अज्ञानता से ज़्यादा खतरनाक इस विश्व में कुछ भी नहीं है।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #22: Goal
यदि कोई व्यक्ति ऐसा लक्ष्य नहीं ढ़ूँढ़ पाया जिसके लिए वो मर सकता है तो वो जीवित रहने के लायक नहीं है।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #23: Brotherhood
हमने चिडि़यों से हवा में उड़ना सीखा,  हमने मछलियों से समुद्र में तैरना सीखा लेकिन हम पृथ्वी पर भाई-बहनों की तरह रहना नहीं सीख सके।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #24: Peace
शांति हीरा, चांदी और सोने से ज़्यादा कीमती होती है।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #25: Service
हर व्यक्ति महान है क्योंकि हर व्यक्ति सेवा कर सकता है। आपको सेवा के लिए किसी महाविद्यालय की डिग्री की ज़रूरत नहीं है। सेवा करने के लिए बस आपके हृदय में दया होनी चाहिए और आत्मा जो प्रेम से उत्पन्न हो।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #26: Hope
हमें सीमित असफलताओं को स्वीकार करना चाहिए पर असीमित आशाओं को नहीं खोना चाहिए।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #27: Exploitation
मैं कभी भी उन अर्थव्यवस्थाओं में सामंजस्य नहीं बिठा सकता जो अनेक लोगों से आवश्यकतायें लेकर कुछ लोगों को विलासिता प्रदान करती हैं।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
Quote #28 : Education
शिक्षा का कार्य किसी व्यक्ति को ऐसे शिक्षित करना है कि वो सूक्ष्म रूप से सोचे और अधिक सोचे।
Martin Luther King मार्टिन लूथर किंग
अब्राहम लिंकन (Abraham Lincoln) विश्व के उन महान राजनेताओं में से एक थे जिन्होंने अमेरीका से गुलामी की प्रथा को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 1862 में घोषणा कर दास बने लोगों को दास प्रथा से मुक्त किया। वे कभी स्कूल नहीं गए थे लेकिन पढ़ने कि इच्छा के कारण, स्वयं ही पढ़ना-लिखना सीख लिया।
Abraham Lincoln (अब्राहम लिंकन) के जीवन में कई मुश्किलें आई –
◾वे 21 वर्ष की आयु में व्यापार में असफल रहे।
◾वे 22 वर्ष की आयु में विधानसभा के चुनाव में हार गये।
◾वे 24 वर्ष की आयु में दुबारा व्यापार में असफल रहे।
◾27 वर्ष की आयु में उन्हें नर्वस ब्रेकडाउन हो गया।
◾वे 29 वर्ष की आयु में स्पीकर का चुनाव हार गये।
◾वे 34 वर्ष की आयु में कॉग्रेशनल रेस हार गये।
◾वे 45 वर्ष की आयु में सीनेटॉरियल रेस हार गये।
◾वे 47 वर्ष की आयु में उप-राष्ट्रपति बनने से वंचित रह गये।
◾वे 49 वर्ष की आयु में सीनेट में दुबारा हार गये।

यह बहुत ही आश्चर्य का विषय कि Abraham Lincoln (अब्राहम लिंकन) स्कूल नहीं गए और वे जिंदगी में बार बार असफल हुए लेकिन फिर भी वे 52 वर्ष की उम्र में अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए।
अब्राहम लिंकन इतनी असफलता के बाद भी निराश नहीं हुए, बल्कि एक नए उत्साह और समर्पण के साथ आगे बढ़ते रहे। अन्त में उन्होंने अपने जीवन लक्ष्य को प्राप्त कर लिया और 1860 में संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए।

Wednesday, 24 February 2016

प्रेरणादायक कहानी – Inspirational Hindi Kahani
Cricket – क्रिकेट

क्रिकेट की बात ले लीजिये – वनडे क्रिकेट के इतने बड़े इतिहास में वर्ष 2010 तक एक भी दोहरा शतक नहीं लगा लेकिन वर्ष 2010 में सचिन तेंदुलकर के दोहरा शतक लगाने के 2-4 वर्षों में ही 4-5 और दोहरे शतक (Double Centuries) लग गए| क्या यह मात्र संयोग था? ऐसा क्यों हुआ?

ऐसा इसीलिए हुआ क्योंकि 2010 से पहले जब किसी ने दोहरा शतक नहीं लगाया था तो सभी की मानसिकता यही थी कि दोहरा शतक लगाना बहुत ही मुश्किल है| क्योंकि अभी तक इस रिकॉर्ड को किसी ने नहीं तोडा था तो यह नामुनकिन सा लगता था| लेकिन जब सचिन ने दोहरा शतक लगाया तो सभी की मानसिकता बदल गयी और यह लगने लगा कि दोहरा शतक लगाना मुश्किल है पर नामुनकिन नहीं|


इस दुनिया में नामुनकिन कुछ भी नहीं (Nothing is impossible in this world),“नामुनकिन” हमारा भ्रम या गलत मान्यता है जो आख़िरकार गलत साबित होती है|
Life Changing Hindi Stories

“हम वो सब कर सकते है जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है जो आज तक हमने नहीं सोचा”

हम गलत धारणाएँ (Wrong Beliefs) बना लेते है और हमें इसी कारण कोई कार्य मुश्किल या असंभव लगता है|
हम आज जो भी है वह हमारी सोच का ही परिणाम है| हम जैसा सोचते है, वैसा बन जाते है – (We become, what we think)| “असंभव” या “नामुनकिन” (Impossible) हमारी सोच का ही परिणाम है|


“हमारे साथ वैसा ही होता है जैसा हम मानते है और विश्वास करते है|”

भौरा विज्ञान के नियमों के अनुसार उड़ नहीं सकता लेकिन वह मानता है कि वह उड़ सकता है इसलिए वह उड़ जाता है जबकि हाथी कमजोर रस्सी को आसानी से तोड़ सकता है लेकिन वह यह मानता है कि वह उस रस्सी को तोड़ नहीं सकता, इसलिए वह रस्सी को तोड़ नहीं पाता| |

यह हम पर निर्भर करता है कि हमें हाथी की तरह अपनी ही सोच का गुलाम रहना है या भौरे की तरह स्वतंत्र| अगर हम मानते है और स्वंय पर यह विश्वास करते है कि हम कुछ भी कर सकते है तो हमारे लिए नामुनकिन कुछ भी नही———————————————————- Nothing Is Impossible.
महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़ी प्रेरक बातें – Amazing History of Maharana Pratap in Hindi





 


Maharana Pratap – History
महाराणा प्रताप भारत के सबसे पहले स्वतंत्रता सेनानी माने जाते है| महाराणा प्रताप की वीरता विश्व विख्यात है| उन्होंने अपनी मातृभूमि की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए अपने सिंहासन को छोड़ दिया और जंगलों में अपना जीवन बिताया लेकिन मुग़ल बादशाह अकबर के सामने मरते दम तक अपना शीश नहीं झुकाया| इतिहास के पन्नों में महाराणा प्रताप की वीरता और स्वाभिमान हमेशा के लिए अमर हो गयी| आज महाराणा प्रताप करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है|

Life of Maharana Pratap
महाराणा प्रताप
महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 में मेवाड़ (राजस्थान) में हुआ| महाराणा प्रताप मेवाड़ के राजा उदयसिंह के पुत्र थे| महाराणा प्रताप बचपन से ही वीर और साहसी थे| उन्होंने जीवन भर अपनी मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया| जब पूरे हिन्दुस्तान में अकबर का साम्राज्य स्थापित हो रहा था, तब वे 16वीं शताब्दी में अकेले राजा थे जिन्होंने अकबर के सामने खड़े होने का साहस किया| वे जीवन भर संघर्ष करते रहे लेकिन कभी भी स्वंय को अकबर के हवाले नहीं किया|
Maharana Pratapa – Height, Weight
maharana pratap
महाराणा प्रताप का कद साढ़े सात फुट एंव उनका वजन 110 किलोग्राम था| उनके सुरक्षा कवच का वजन 72 किलोग्राम और भाले का वजन 80 किलो था| कवच, भाला, ढाल और तलवार आदि को मिलाये तो वे युद्ध में 200 किलोग्राम से भी ज्यादा वजन उठाए लड़ते थे| आज भी महाराणा प्रताप का कवच, तलवार आदि वस्तुएं उदयपुर राजघराने के संग्रहालय में सुरक्षित रखे हुए है|
Akbar’s Proposal
अकबर ने प्रताप के सामने प्रस्ताव रखा था कि अगर महाराणा प्रताप उनकी सियासत को स्वीकार करते है, तो आधे हिंदुस्तान की सत्ता महाराणा प्रताप को दे दी जाएगी लेकिन महाराणा ने उनके इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया| लगातार 30 वर्षों तक प्रयास करने के बावजूद अकबर महाराणा प्रताप को बंदी नहीं बना सका|

Battle of HaldiGhati
हल्दीघाटी का युद्ध
महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच हल्दीघाटी का महायुद्ध 1576 ई. लड़ा गया| इस युद्ध में महाराणा प्रताप की सेना में सिर्फ 20000 सैनिक तथा अकबर की सेना के 85000 सैनिक थे| अकबर की विशाल सेना और संसाधनों की ताकत के बावजूद महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी और मातृभूमि के सम्मान के लिए संघर्ष करते रहे| हल्दीघाटी का युद्ध इतना भयंकर था कि युद्ध के 300 वर्षों बाद भी वहां पर तलवारें पायी गयी| आखिरी बार तलवारों का जखीरा 1985 को हल्दीघाटी में मिला था|
Chetak
महाराणा प्रताप की वीरता के साथ साथ उनके घोड़े चेतक की वीरता भी विश्व विख्यात है| चेतक बहुत ही समझदार और वीर घोड़ा था जिसने अपनी जान दांव पर लगाकर 26 फुट गहरे दरिया से कूदकर महाराणा प्रताप की रक्षा की थी| हल्दीघाटी में आज भी चेतक का मंदिर बना हुआ है|

Death of Maharana Pratap
ऐसा कहा जाता है कि महाराणा प्रताप की म्रत्यु की खबर सुनकर अकबर भी सुन्न हो गया था| अकबार जानता था कि महाराणा प्रताप जैसा वीर पुरुष पूरे विश्व में नहीं है

विकलांगता से IAS Topper तक की कहानी – Ira Singhal Success Story In Hindi





 


IAS Topper Ira Singhal – Success Story in Hindi

IAS – UPSC Civil Services Exams! इसकी प्रतिष्ठा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि हर वर्ष लाखों विद्यार्थी IAS Officer बनने के लिए यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा देते है, लेकिन मुश्किल से .025% विद्यार्थी ही IAS Officer बन पाते है|
Civil Services Exams की Final Success Rate सामान्यत: .30% के करीब होती है जिसमें से भी सबसे प्रतिष्ठित Indian Administrative Services की Success Rate सामान्यत: .025% से भी कम होती है|
लेकिन जिनके हौसले बुलंद होते है, वे मुश्किलों से डरते नहीं और सफलता को उनके आगे झुकना ही पड़ता|
UPSC Civil Services Exam 2014 के नतीजे कुछ खास रहे क्योंकि पहले 4 स्थानों पर लड़कियों ने बाजी मारी और उसमें से भी पहले स्थान पर एक ऐसी लड़की सफल हुई, जिसका 60% शरीर विकलांग है|
Ira Singhal ने UPSC Civil Service Exams 2014 में सर्वोच्च स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया है कि मेहनत और बुलंद हौसलों के आगे विकलांगता बहुत कमजोर है|
इरा सिंघल को अपनी विकलांगता के कारण कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी|
इरा सिंघल ने 2010 में ही सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली थी और वे Indian Revenue Service – IRS पद पर नियुक्ति की हकदार थी लेकिन शारीरिक रूप से विकलांग होने के कारण डिपार्टमेंट ने उनकी नियुक्ति पर रोक लगा दी| लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और उन्होंने Central Administrative Tribunal (CAT)  में मामला दर्ज कराया |
CAT का फैसला IRA Singhal के पक्ष में आया और उन्हें Assistant Commissioner of Customs and Central Excise Service (IRS) पर नियुक्त किया गया|
कई मुसीबतों के बावजूद इरा सिंघल ने प्रयास जारी रख और फिर से सिविल सेवा की परीक्षा दी| उन्होंने 2014 Civil Service Exam में Top कर, फिर से यह साबित कर दिया कि भले ही वे शारीरिक रूप से थोड़ी कमजोर है लेकिन मानसिक रूप से वे बेहद शक्तिशाली है|
इरा सिंघल महिलाओं, बच्चों और शारीरिक रूप से असक्षम लोगों के कल्याण के लिए कार्य करना चाहती है|
आज हमें इरा सिंघल जैसे लोगों पर गर्व होता है, क्योंकि ऐसे लोग हर बार यह साबित कर देते है कि – नामुनकिन कुछ भी नहीं – Nothing is Impossible| Ira Singhal ने यह साबित किया है कि उनके बुलंद हौसलों के आगे मुसीबतें और विकलांगता बहुत कमजोर है

अपने सपनों को जिन्दा रखिए| अगर आपके सपनों की चिंगारी बुझ गई है तो इसका मतलब यह है कि आपने जीते जी आत्महत्या कर ली है|
How to Change Life with Law of Attraction in hindi

सपने देखिए : Be a Dreamer
क्या आप दिन में सपने देखते हैं? 
अगर आपका जवाब हाँ है तो आप अभी तक इन्सान है| और अगर आपका जवाब ना है तो शायद आप एक रोबोट बन चुके है या बनने जा रहे है|
सभी इन्सान सपने देखते है लेकिन 30 वर्ष की उम्र तक आते-आते ज्यादातर व्यक्ति परिस्थितियों के आगे हार मान लेते है और वो एक रोबोट की तरह परिस्थितियों के अनुसार चलते है|
अगर आप चाहते है कि आपके सपने सच हो तो आपको सपने देखने पड़ेगें|

क्या आपके सपनों में “शक्ति” है? : Willpower
अब्दुल कलाम ने कहा है –
सपने वो नहीं है जो आप नींद में देखते है, सपने वो है जो आपको नींद नहीं आने देते।
अगर आपके लक्ष्य या सपनों में दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी है तो आपका सपना कभी हकीकत नहीं बन सकता| दृढ़ इच्छाशक्ति ही Law of Attraction का आधार है| यह इच्छाशक्ति ही है जो आपको “लक्ष्य” से जोड़े रखती है और निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करती है|
और जब आप अपने लक्ष्य को पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार होते है तो पूरी कायनात आपके लक्ष्य को प्राप्त करने में आपकी मदद करती है|  

विश्वास :  Confidence
Law of Attraction in Hindi
आपके लक्ष्य में “डर” का कोई स्थान नहीं होना चाहिए| अगर आपको स्वंय पर पूरा विश्वास नहीं है या फिर “असफलता का डर” है तो आपका सपना या लक्ष्य शक्तिहीन है| जहाँ “डर” होता है वहां “विश्वास” कमजोर पड़ जाता है| और जब आपको स्वंय पर ही विश्वास नहीं रहता तो पूरी कायनात आपकी मदद कैसे करेगी?


 Law of Attraction = Dreams + Willpower + Confidence

अपने सपनों को जिन्दा रखिए| अगर आपके सपनों की चिंगारी बुझ गई है तो इसका मतलब यह है कि आपने जीते जी आत्महत्या कर ली है|
भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं की भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है| अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता

सबसे कीमती तोहफ़ा Inspirational Hindi Story on Sensitivity



Inspirational Hindi Story on Sensitivity
सबसे कीमती तोहफ़ा!

मोहन काका डाक विभाग के कर्मचारी थे। बरसों से वे माधोपुर और आस पास के गाँव में चिट्ठियां बांटने का काम करते थे।



एक दिन उन्हें एक चिट्ठी मिली, पता माधोपुर के करीब का ही था लेकिन आज से पहले उन्होंने उस पते पर कोई चिट्ठी नहीं पहुंचाई थी।
रोज की तरह आज भी उन्होंने अपना थैला उठाया और चिट्ठियां बांटने निकला पड़े। सारी चिट्ठियां बांटने के बाद वे उस नए पते की ओर बढ़ने लगे।
 दरवाजे पर पहुँच कर उन्होंने आवाज़ दी, “पोस्टमैन!”
अन्दर से किसी लड़की की आवाज़ आई, “काका, वहीं दरवाजे के नीचे से चिट्ठी डाल दीजिये।”
“अजीब लड़की है मैं इतनी दूर से चिट्ठी लेकर आ सकता हूँ और ये महारानी दरवाजे तक भी नहीं निकल सकतीं !”, काका ने मन ही मन सोचा।




“बहार आइये! रजिस्ट्री आई है, हस्ताक्षर करने पर ही मिलेगी!”, काका खीजते हुए बोले।
“अभी आई।”, अन्दर से आवाज़ आई।
काका इंतज़ार करने लगे, पर जब 2 मिनट बाद भी कोई नहीं आयी तो उनके सब्र का बाँध टूटने लगा।
“यही काम नहीं है मेरे पास, जल्दी करिए और भी चिट्ठियां पहुंचानी है”, और ऐसा कहकर काका दरवाज़ा पीटने लगे।
कुछ देर बाद दरवाज़ा खुला।
सामने का दृश्य देख कर काका चौंक गए।
एक 12-13 साल की लड़की थी जिसके दोनों पैर कटे हुए थे। उन्हें अपनी अधीरता पर शर्मिंदगी हो रही थी।
लड़की बोली, “क्षमा कीजियेगा मैंने आने में देर लगा दी, बताइए हस्ताक्षर कहाँ करने हैं?”
काका ने हस्ताक्षर कराये और वहां से चले गए।
इस घटना के आठ-दस दिन बाद काका को फिर उसी पते की चिट्ठी मिली। इस बार भी सब जगह चिट्ठियां पहुँचाने के बाद वे उस घर के सामने पहुंचे!
“चिट्ठी आई है, हस्ताक्षर की भी ज़रूरत नहीं है…नीचे से डाल दूँ।”, काका बोले।
“नहीं-नहीं, रुकिए मैं अभी आई।”, लड़की भीतर से चिल्लाई।
कुछ देर बाद दरवाजा खुला।
लड़की के हाथ में गिफ्ट पैकिंग किया हुआ एक डिब्बा था।
“काका लाइए मेरी चिट्ठी और लीजिये अपना तोहफ़ा।”, लड़की मुस्कुराते हुए बोली।
“इसकी क्या ज़रूरत है बेटा”, काका संकोचवश उपहार लेते हुए बोले।
लड़की बोली, “बस ऐसे ही काका…आप इसे ले जाइए और घर जा कर ही खोलियेगा!”
काका डिब्बा लेकर घर की और बढ़ चले, उन्हें समझ नहीं आर रहा था कि डिब्बे में क्या होगा!
घर पहुँचते ही उन्होंने डिब्बा खोला, और तोहफ़ा देखते ही उनकी आँखों से आंसू टपकने लगे।
डिब्बे में एक जोड़ी चप्पलें थीं। काका बरसों से नंगे पाँव ही चिट्ठियां बांटा करते थे लेकिन आज तक किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया था।
ये उनके जीवन का सबसे कीमती तोहफ़ा था…काका चप्पलें कलेजे से लगा कर रोने लगे; उनके मन में बार-बार एक ही विचार आ रहा था- बच्ची ने उन्हें चप्पलें तो दे दीं पर वे उसे पैर कहाँ से लाकर देंगे?
दोस्तों, संवेदनशीलता या sensitivity एक बहुत बड़ा मानवीय गुण है। दूसरों के दुखों को महसूस करना और उसे कम करने का प्रयास करना एक महान काम है। जिस बच्ची के खुद के पैर न हों उसकी दूसरों के पैरों के प्रति संवेदनशीलता हमें एक बहुत बड़ा सन्देश देती है। आइये हम भी अपने समाज, अपने आस-पड़ोस, अपने यार-मित्रों-अजनबियों सभी के प्रति संवेदनशील बनें…आइये हम भी किसी के नंगे पाँव की चप्पलें बनें और दुःख से भरी इस दुनिया में कुछ खुशियाँ फैलाएं!

Tuesday, 23 February 2016


डायबिटीज जिसे  मधुमेह  भी  कहा जाता  है एक गंभीर बीमारी है जिसे धीमी मौत (साइलेंट किलर ) भी कहा जाता हैl


 Diabetes Article In Hindi
Symbol for Diabetes – A blue circle

संसार भर में मधुमेह रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है विशेष रूप से भारत में l इस  बीमारी में रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है  तथा रक्त की कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग  नहीं कर पाती  l यदि यह ग्लूकोज  का बढ़ा हुआ लेवल खून में लगातार बना रहे तो शरीर के अंग प्रत्यंगों को नुकसान  पहुँचाना शुरू कर देता  है l
 डायबिटीज के कारण (Causes  of Diabetes )-
खान पान एवं लाइफ स्टाइल की गलत आदतें जैसे मधुर एवं भारी भोजन का अधिक सेवन करना,चाय, दूध  आदि में  चीनी का ज्यादा सेवन,कोल्ड ड्रिंक्स एवं अन्य सॉफ्ट ड्रिंक्स अधिक पीना,शारीरिक  परिश्रम ना करना,मोटापा,तनाव,धूम्रपान,तम्बाकू,आनुवंशिकता आदि डायबिटीज के प्रमुख कारण हैं  l
डायबिटीज के लक्षण (Diabetes Symptoms)-




बार बार  पेशाब लगना,प्यास  ज्यादा  लगना, भूख  ज्यादा  लगना,बिना काम करे भी थकान  होना,शरीर में कहीं  घाव होने पर जल्दी ठीक ना होना तथा  त्वचा का बार बार इन्फेक्शन होना l ये सब डायबिटीज के लक्षण  हैंl
यदि इनमे से कुछ  लक्षण यदि  लगातार दिखाई दें तो  खून में शुगर की जाँच अवश्य करवानी चाहिए यह जाँच  बहुत सामान्य और सस्ती होती है जो छोटी छोटी लैब्स में आसानी से हो जाती हैं इसके लिए शुगर का शक होने पर दिन में किसी भी समय (ब्लड शुगर- रैंडम) जाँच करवाई जा सकती है या बार -बार जरुरत पड़े तो जाँच करने की मशीन  घर  पर लायी जा सकती है जो ज्यादा महँगी नहीं होती l
डायबिटीज रोग के उपद्रव  (Complications of Diabetes) –
यदि मधुमेह  रोग का समय पर पता ना चले या पता चलने पर भी खान पान तथा जीवन शैली में लगातार लापरवाही  की जाये और समुचित चिकित्सा ना की जाये तो  खून में सामान्य से अधिक बढ़ा हुआ शुगर का लेवल शरीर के अनेक  अंगों जैसे गुर्दे (Kidney),ह्रदय (Heart),धमनियां (Arteries) आँखें (Eyes) त्वचा (Skin) तथा  नाड़ी  तंत्र (Nervous System) को नुकसान  पहुँचाना शुरू  कर   देता  है और जब तक रोगी संभलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती  है l
 डायबिटीज की चिकित्सा-
1. ख़ान पान  में  सुधार  करें-चीनी (sugar) एवं  अन्य मीठे पदार्थो का सेवन कम से कम करें या ना करें,चोकर युक्त  आटा,हरी सब्जियां ज्यादा खाएं, मीठे फलों को छोड़ कर अन्य फल  खाएं,एक बार में ज्यादा खाने की बजाय भोजन  को छोटे छोटे अंतराल  में लें,घी तेल से बनी एवं तली भुनी चीजें जैसे- समोसे, कचौड़ी ,पूड़ी ,परांठे आदि का सेवन कम  से कम करें,गेहूँ,जौ एवं चने को मिला कर बनाई हुई यानि मिस्सी रोटी शुगर की बीमारी  में बहुत फायदेमंद होती  है l
2.शारीरिक रूप से सक्रिय रहे –
नित्य व्यायाम करना ,योग प्राणायाम का नियमित  अभ्यास करना ,सुबह शाम चहल कदमी (Morning Evening walk) करना मधुमेह रोग में शुगर कंट्रोल करने के लिए बहुत लाभदायक  है तथा मोटापा नियंत्रण  में  रहता है जो  की  डायबिटीज  का  महत्वपूर्ण  कारण  है l
3. तनाव (Tension,Anxiety Stress) से  बचें –
मधुमेह रोग में तनाव की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है तनाव से बचने की पूरी  कोशिश करें l स्ट्रेस  या  तनाव  के  कारणों को आपसी बात चीत से हल करें, योगा, प्राणायाम,ध्यान  तथा सुबह शाम घूमने से स्ट्रेस कंट्रोल करने में सहायता मिलती  है l
 4. घरेलु  उपाय ( Home Remedies for Diabetes)–
आयुर्वेद की कुछ जड़ी बूटियां मधुमेह रोग में  बहुत उपयोगी हैं इनका सेवन डायबिटीज में बहुत लम्बे  समय से किया  जा रहा है आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी डायबिटीज में इनकी उपयोगिता सिद्ध कर चुका है l
◦दाना मेथी –
दाना मेथी मधुमेह  में  बहुत उपयोगी है इसके लिए एक या दो चम्मच दाना मेथी को एक गिलास पानी में रात में  भिगो देते है सुबह मेथी को चबा चबा कर खा लेते हैं तथा मेथी के पानी को पी लेते हैं या मेथी का चूर्ण या सब्जी  बनाकर भी सेवन कर सकते हैं  l
◦करेला –
करेला भी डायबिटीज के लिए अति महत्पूर्ण है इसके लिए करेले का जूस अकेले या आंवले के जूस में मिला कर 100-125 ML  की मात्रा में सुबह शाम भूखे पेट लें साथ ही करेले की सब्जी  बनाकर या चूर्ण के रूप  में  भी सेवन  कर सकते  हैं l
◦जामुन –
जामुन का फल खाने  में जितना स्वादिस्ट और रुचिकारक होता है उतना  ही शुगर की तकलीफ में लाभदायक  होता  है इसके लिए जामुन के सीजन में जामुन के फल खाए जा सकते हैं तथा सीजन ना होने पर जामुन की गुठली का चूर्ण सुबह शाम भूखे  पेट पानी से ले सकते हैं l
◦विजयसार –
विजयसार को ना केवल आयुर्वेद बल्कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी डायबिटीज में बहुत उपयोगी  मानता है इसके लिए विजयसार की लकड़ी से बने गिलास में रात में पानी भर कर रख दिया जाता है सुबह भूखे पेट इस पानी को पी लिया जाता है विजयसार की लकड़ी में पाये जाने वाले तत्व रक्त में इन्सुलिन  के स्राव को बढ़ाने में सहायता करते हैं l
◦मधुमेह नाशक पाउडर –
इसके लिए गिलोय,गुड़मार,कुटकी,बिल्व पत्र,जामुन  की गुठली, हरड़, चिरायता,आंवला, काली जीरी,तेज पत्र,बहेड़ा नीम पत्र एवं अन्य जड़ी बूटियों को एक निश्चित अनुपात में लेकर पाउडर बनाया जाता है जो  की डायबिटीज  में बहुत फायदेमंद साबित होता है l
 उपरोक्त उपाय जरुरत के अनुसार उपयोग करने चाहियें ,खून में शुगर का लेवल कम ना हो जाये इसलिए समय समय  पर शुगर चैक करते रहना चाहिए l
5. औषधियां-
यदि  खून  में  शुगर  की  मात्रा  ज्यादा  बढ़ी  हुई  नहीं  हो  तो उपरोक्त  उपायों से  आराम  अवश्य  मिलता  है किन्तु यदि खून में शुगर लेवल ज्यादा हो तो चिकित्सक की राय अवश्य लेनी चाहिए ,इसके  लिए एलोपैथी में  इन्सुलिन के इंजेक्शन तथा मुख से सेवन करने वाली गोलियों आदि  का प्रयोग किया जाता है तथा आयुर्वेद में  बसंत  कुसुमाकर  रस,शिलाजत्वादि वटी,चन्द्र प्रभा वटी , शुद्ध शिलाजीत तथा अन्य अनेक दवाओं  का प्रयोग किया जाता  है ये दवाइयाँ डायबिटीज में बहुत फायदेमंद होती हैं लेकिन इन्हे चिकित्सक की राय से ही सेवन करना चाहिए  l

Monday, 22 February 2016

अंगूठे से पता चलती हैं स्वभाव की ये 20 बातें




अंगूठे से पता चलती हैं स्वभाव की ये 20 बातें

हथेली में रेखाओं के साथ ही उंगलियों और हथेली की बनावट का भी अध्ययन किया जाता है। अंगूठा भी स्वभाव और भविष्य से जुड़ी कई बातें बता सकता है। यहां जानिए हस्तरेखा ज्योतिष के अनुसार सिर्फ अंगूठे के आधार पर व्यक्ति के स्वभाव और भविष्य से जुड़ी खास बातें…



Palmistry About Thumb
तीन भागों में बंटा होता है अंगूठा
हमारा अंगूठा तीन भागों में विभक्त रहता है। प्रथम भाग ऊपर वाला, फिर मध्यम भाग और अंतिम भाग। ये तीनों भाग रेखाओं से विभाजित रहते हैं। यदि पहला भाग अधिक लंबा हो तो व्यक्ति अच्छी इच्छा शक्ति वाला होता है। वह किसी पर निर्भर नहीं होता। ऐसे अंगूठे वाले लोग किसी भी कार्य को पूरी स्वतंत्रता के साथ करना पसंद करते हैं और इन्हें सफलता भी प्राप्त हो जाती है। कार्यों में सफलता के साथ ही इनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होता है।
1. यदि अंगूठे के पहले पर्व (भाग) पर आड़ी रेखाएं होती हैं तो व्यक्ति को जीवन में महालक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। भाग्य का साथ मिलता है। ऐसे लोगों को धन संबंधी कार्यों में कभी भी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है।
2. यदि किसी व्यक्ति की हथेली में अंगूठे के पहले भाग पर बहुत सी खड़ी रेखाएं होती हैं तो वह ईमानदार और भरोसेमंद होता है।
3. जिन लोगों की हथेली में अंगूठे के पहले पर्व पर तीन खड़ी रेखाएं होती हैं, उनकी इच्छा शक्ति प्रबल होती है और इनका दिमाग भी बहुत तेज चलता है।
4. हस्तरेखा ज्योतिष के अनुसार जिन लोगों की हथेली में सामान्य से छोटे अंगूठा होता है, वे लोग निर्बल हो सकते हैं। ऐसे लोगों की कार्य क्षमता काफी कम होती है और हर कार्य को बहुत धीरे-धीरे करते हैं।
5. जिन लोगों के अंगूठे के पहले पर्व पर क्रॉस का निशान होता है, वे बहुत अधिक खर्चीले होते हैं। ये लोग अधिक व्यय के कारण परेशानियों का सामना करते हैं।
6. यदि अंगूठा का मध्यम भाग अधिक लंबा हो तो व्यक्ति की तर्क शक्ति काफी उन्नत होती है। तर्क शक्ति के कारण इन लोगों का दिमाग भी काफी तेज चलता है। अपनी बुद्धि के बल पर इन्हें समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है।
7. यदि अंगूठे के दूसरे पर्व पर कोई गोलाकार निशान हो तो व्यक्ति बहुत अधिक बहस करने वाला होता है।
8. यदि किसी व्यक्ति की हथेली में अंगूठे के दूसरे पर्व पर तीन खड़ी रेखाएं होती हैं तो व्यक्ति की तर्क शक्ति अच्छी रहती है। जबकि यहां आड़ी रेखाएं होती हैं तो व्यक्ति कुतर्क करने वाला हो सकता है।
9. यदि किसी व्यक्ति के अंगूठे के दूसरे पर्व पर त्रिभुज का निशान बना हो तो व्यक्ति विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने वाला होता है।
10. यदि किसी व्यक्ति के अंगूठे के दूसरे पर्व पर जाली का निशान बना हो तो व्यक्ति चरित्र का अच्छा नहीं माना जाता है। सामान्यत: ऐसे लोग बेईमान भी हो सकते हैं।
11. हस्तरेखा ज्योतिष के अनुसार जो लोग बुद्धिमान और चतुर होते हैं, उनका अंगूठा सुंदर और आकर्षक होता है। ये लोग किसी भी काम को चतुराई के साथ पूर्ण करते हैं और लाभ भी कमाते हैं।
12. अंगूठे का अंतिम भाग यानी शुक्र पर्वत (अंगूठे एकदम नीचे वाले भाग से लगा हुआ शुक्र पर्वत होता है।) के पास वाला भाग अधिक लंबा हो तो व्यक्ति अति कामुक होता है।
13. ऐसे अधिकांश लोग जिनकी हथेली में अंगूठा छोटा, बेडौल और सामान्य से अधिक मोटा होता है, वे सामान्यत: असभ्य और दूसरों का निरादर करने वाले होते हैं। ऐसे लोग कई बार क्रूर भी हो जाते हैं और दूसरों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
14.  जिस व्यक्ति का अंगूठा सामान्य से ज्यादा लंबा और हथेली के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ होता है, वह सर्वगुण संपन्न होता है। इन लोगों में घर-परिवार और समाज के बीच घुल-मिलकर रहने के सभी गुण होते हैं। इन्हें उचित मान-सम्मान प्राप्त होता है।
15. जो लोग अधिक कल्पनाशील होते हैं, सामान्यत: उनकी हथेली में अंगूठा लचीला होता है। लचीला अंगूठा आसानी से पीछे की ओर मुड़ जाता है। ऐसे लोग अधिक खर्चीले भी होते हैं। इन्हें हर काम को कलात्मक ढंग से करना पसंद होता है।
16. हस्तरेखा ज्योतिष के अनुसार सामान्यत: जिन लोगों का अंगूठा अधिक मोटा होता है, उनका स्वभाव अच्छा नहीं माना जाता है।
17. चपटे अंगूठे वाले लोग निराशजनक स्वभाव वाले होते हैं। जबकि, जिन लोगों के अंगूठे अधिक चौड़े होते हैं, वे क्रोधी स्वभाव के होते हैं।
18. जिन लोगों का अंगूठा बड़ा होता है, वे कलात्मक स्वभाव के होते हैं। जिन लोगों का अंगूठा पतला होता है, वे अपने स्वभाव के कारण घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान प्राप्त करते हैं।
19. जो लोग अपनी दोनों हथेलियों के अंगूठों को उंगलियों में दबाकर कर रखते हैं, ऐसे अधिकांश लोग डरपोक होते हैं। ऐसा करने वाले व्यक्ति में आत्म विश्वास की कमी होती है। ये लोग हर कार्य को डरते-डरते करते हैं। इन्हें कार्यों में सफलता मिलने में भी संदेह रहता है।
नोट- हस्तरेखा के अनुसार दोनों हाथों की गहराई से जांच करने के बाद ही सटीक भविष्यवाणी की जा सकती हैं। यहां बताए गए अंगूठे के प्रभाव हथेली की अन्य स्थितियों से प्रभावित हो सकते हैं। अत: यह बात ध्यान रखने योग्य है।

The 7 Habits of Highly Effective People in Hindi

The 7 Habits of Highly Effective People, या अतिप्रभावकारी लोगों की 7 आदतें, Stephen R. Covey द्वारा लिखी गयी ये किताब आपने ज़रूर देखी, पढ़ी, या सुनी होगी. आज AchhiKhabar.Com पर मैं आपको इसी best seller book का सार Hindi में share कर रहा हूँ. यह पढकर यदि आपको लगता है कि वाकई करोड़ों लोगों की तरह आप भी इससे लाभान्वित हो सकते हैं तो बिना किसी झिझक के इस book को ज़रूर खरीदें.





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7 Habits जो बना सकतीं हैं आपको  Super Successful
आपकी ज़िन्दगी बस यूँ ही नहीं घट जाती. चाहे आप जानते हों या नहीं , ये आपही के द्वारा डिजाईन की जाती है. आखिरकार आप ही अपने विकल्प चुनते हैं. आप खुशियाँ चुनते हैं . आप दुःख चुनते हैं.आप निश्चितता चुनते हैं. आप अपनी अनिश्चितता चुनते हैं.आप अपनी सफलता चुनते हैं. आप अपनी असफलता चुनते हैं.आप साहस चुनते हैं.आप डर चुनते हैं.इतना याद रखिये कि हर एक क्षण, हर एक परिस्थिति आपको एक नया विकल्प देती है.और ऐसे में आपके पास हमेशा ये opportunity होती है कि आप चीजों को अलग तेरीके से करें और अपने लिए और positive result produce  करें.
Habit 1 : Be Proactive / प्रोएक्टिव बनिए
Proactive  होने का मतलब है कि अपनी life के लिए खुद ज़िम्मेदार बनना. आप हर चीज केलिए अपने parents  या  grandparents  को नही blame कर सकते . Proactive  लोग इस बात को समझते हैं कि वो “response-able” हैं . वो अपने आचरण के लिए जेनेटिक्स , परिस्थितियों, या परिवेष को दोष नहीं देते हैं.उन्हें पता होताहै कि वो अपना व्यवहार खुद चुनते हैं. वहीँ दूसरी तरफ जो लोग reactive  होते हैं वो ज्यादातर अपने भौतिक वातावरण से प्रभावितहोते हैं. वो अपने behaviour  के लिए बाहरी चीजों को दोष देते हैं. अगर मौसम अच्छा है, तोउन्हें अच्छा लगता है.और अगर नहीं है तो यह उनके attitude और  performance  को प्रभावित करता है, और वो मौसम को दोष देते हैं. सभी बाहरी ताकतें एक उत्तेजना  की तरह काम करती हैं , जिन पर हम react करते हैं. इसी उत्तेजना और आप उसपर जो प्रतिक्रिया करते हैं के बीच में आपकी सबसे बड़ी ताकत छिपी होती है- और वो होती है इस बात कि स्वतंत्रता कि आप  अपनी प्रतिक्रिया का चयन स्वयम कर सकते हैं. एक बेहद महत्त्वपूर्ण चीज होती है कि आप इस बात का चुनाव कर सकते हैं कि आप क्या बोलते हैं.आप जो भाषा प्रयोग करते हैं वो इस बात को indicate  करती है कि आप खुद को कैसे देखते हैं.एक proactive व्यक्ति proactive भाषा का प्रयोग करता है.–मैं कर सकता हूँ, मैं करूँगा, etc. एक reactive  व्यक्ति reactive  भाषा का प्रयोग करता है- मैं नहीं कर सकता, काश अगर ऐसा होता , etc. Reactive  लोग  सोचते हैं कि वो जो कहते और करते हैं उसके लिए वो खुद जिम्मेदार नहीं हैं-उनके पास कोई विकल्प नहीं है.




ऐसी परिस्थितियां जिन पर बिलकुल भी नहीं या थोड़ा-बहुत control किया जा सकता है , उसपर react या चिंता करने के बजाये proactive  लोग अपना time  और  energy  ऐसी चीजों में लगाते हैं जिनको वो  control  कर सकें. हमारे सामने जो भी समस्याएं ,चुनतिया या अवसर होते हैं उन्हें हम दो क्षेत्रों में बाँट सकते हैं:

1)Circle of Concern ( चिंता का क्षेत्र )

2)Circle of Influence. (प्रभाव का क्षेत्र )
Proactive  लोग अपना प्रयत्न Circle of Influence पर केन्द्रित करते हैं.वो ऐसी चीजों पर काम करते हैं जिनके बारे में वो कुछ कर सकते हैं: स्वास्थ्य , बच्चे , कार्य क्षेत्र कि समस्याएं. Reactive  लोग अपना प्रयत्न Circle of Concern पर केन्द्रित करते हैं: देश पर ऋण , आतंकवाद, मौसम. इसबात कि जानकारी होना कि हम अपनी energy किन चीजों में खर्च करते हैं, Proactive  बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है
Habit 2: Begin with the End in Mind  अंत को ध्यान में रख कर शुरुआत करें.
तो , आप बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं? शायद यह सवाल थोड़ा अटपटा लगे,लेकिन आप इसके बारे में एक क्षण के लिए सोचिये. क्या आप अभी वो हैं जो आप बनना चाहते थे, जिसका सपना आपने देखा था, क्या आप वो कर रहे हैं जो आप हमेशा से करना चाहते थे. इमानदारी से सोचिये. कई बार ऐसा होता है कि लोग खुद को ऐसी जीत हांसिल करते हुए देखते हैं जो दरअसल खोखली होती हैं–ऐसी सफलता, जिसके बदले में उससे कहीं बड़ी चीजों को  गवाना पड़ा. यदि आपकी सीढ़ी सही दीवार पर नहीं लगी है तो आप जो भी कदम उठाते हैं वो आपको गलत जगह पर लेकर जाता है.

Habit 2  आपके imagination या  कल्पना  पर आधारित है– imagination , यानि आपकी वो क्षमता जो आपको अपने दिमाग में उन चीजों को दिखा सके जो आप अभी अपनी आँखों से नहीं देख सकते. यह इस सिधांत पर आधारित है कि हर एक चीज का निर्माण दो बार होता है. पहला mental creation, और दूसरा physical creation. जिस  तरह blue-print तैयार होने केबाद मकान बनता है , उसी प्रकार mental  creation  होने के बाद ही physical creation होती है.अगर आप खुद  visualize  नहीं करते हैं कि आप क्या हैं और क्या बनना चाहते हैं तो आप, आपकी life कैसी होगी इस बात का फैसला औरों पर और परिस्थितियों पर छोड़ देते हैं. Habit 2  इस बारे में है कि आप किस तरह से अपनी विशेषता को पहचानते हैं,और फिर अपनी personal, moral और  ethical  guidelines के अन्दर खुद को खुश रख सकते और पूर्ण कर सकते हैं.अंत को ध्यान में रख कर आरम्भ करने का अर्थ है, हर दिन ,काम या project  की शुरआत एक clear vision  के साथ करना कि हमारी क्या दिशा और क्या मंजिल होनी चाहिए, और फिर proactively  उस काम को पूर्ण करने में लग जाना.
Habit 2  को practice मेंलाने का सबसे अच्छा तरीका है कि अपना खुद का एक Personal Mission Statement बनाना. इसका फोकस इस बात पर होगा कि आप क्या बनना चाहते हैं और क्या करना चाहते हैं.ये success के लिए की गयी आपकी planning है.ये इस बात की पुष्टिकरता है कि आप कौन हैं,आपके goals को focus  में रखता है, और आपके ideas  को इस दुनिया में लाता है. आपका Mission Statement आपको अपनी ज़िन्दगी का leader बनाता है. आप अपना भाग्य खुद बनाते हैं, और जो सपने आपने देखे हैं उन्हें साकार करते हैं.
Habit 3 : Put First Things First प्राथमिक चीजों को वरीयता दें
एक balanced life  जीने के लिए, आपको इस बात को समझना होगा कि आप इस ज़िन्दगीमें हर एक चीज नहीं कर सकते. खुद को अपनी क्षमता से अधिक कामो में व्यस्त करने की ज़रुरत नहीं है. जब ज़रूरी हो तो “ना” कहने में मत हिचकिये, और फिर अपनी important priorities पर focus  कीजिये.
Habit 1  कहतीहै कि , ” आप in charge हैं .आप creator हैं”. Proactive होना आपकी अपनी choice है. Habit 2 पहले दिमाग में चीजों को visualize  करने के बारे में है. अंत को ध्यान में रख कर शुरआत करना vision से सम्बंधित है. Habit 3  दूसरी creation , यानि  physical creation  के बारे में है. इस habit में Habit 1 और Habit 2  का समागम होता है. और यह हर समय हर क्षण होता है. यह Time Management  से related कई प्रश्नों को  deal  करता है.
लेकिन यह सिर्फ इतना ही नहीं है. Habit 3  life management  के बारे में भी है—आपका purpose, values, roles ,और priorities. “प्राथमिक चीजें” क्या हैं?  प्राथमिक चीजें वह हैं , जिसको आप व्यक्तिगत रूप से सबसे मूल्यवान मानते हों. यदि आप प्राथमिक कार्यों को तरजीह देने का मतलब है कि , आप अपना समय , अपनी उर्जा Habit 2  में अपने द्वारा set की गयीं priorities पर लगा रहे हैं.
Habit 4: Think Win-Win  हमेशा जीत के बारे में सोचें
Think Win-Win अच्छा होने के बारे में नहीं है, ना ही यह कोईshort-cut है. यहcharacter पर आधारित एक कोड है जो आपको बाकी लोगों सेinteract और सहयोग करने के लिए है.

हममे से ज्यादातर लोग अपना मुल्यांकन दूसरों सेcomparison और  competition  के आधार पर करते हैं. हम अपनी सफलता दूसरों की असफलता में देखते हैं—यानि अगर मैं जीता, तो तुम हारे, तुम जीते तो मैं हारा. इस तरह life एकzero-sum game बन जाती है. मानो एक ही रोटी हो, और अगर दूसरा बड़ा हिस्सा ले लेता है तो मुझे कम मिलेगा, और मेरी कोशिश होगी कि दूसरा अधिक ना पाए. हम सभी येgame  खेलते हैं, लेकिन आप ही सोचिये कि इसमें कितना मज़ा है?

Win -Win ज़िन्दगी कोco-operation की तरह देखती है, competition कीतरह नहीं.Win-Win दिल और दिमाग की ऐसी स्थिति है जो हमेंलगातार सभी काहित सोचने के लिए प्रेरित करती है.Win-Win का अर्थ है ऐसे समझौते और समाधान जो सभी के लिए लाभप्रद और संतोषजनक हैं. इसमें सभी   खाने को मिलती है, और वो काफी अच्छाtaste  करती है.

एक व्यक्ति या संगठन जोWin-Win attitude  के साथ समस्याओं को हल करने की कोशिश करता है उसके अन्दर तीन मुख्य बातें होती हैं:
1. Integrity / वफादारी :अपनेvalues, commitments औरfeelings के साथ समझौता ना करना.
2.Maturity / परिपक्वता :  अपनेideas औरfeelings  को साहस के साथ दूसरों के सामने रखना और दूसरों के विचारों और भावनाओं की भी कद्र करना.
3.Abundance Mentality / प्रचुरता की मानसिकता :इस बात में यकीन रखना की सभी के लिए बहुत कुछ है.

बहुत लोग either/or  केterms  में सोचते हैं: या तो आप अच्छे हैं या आप सख्त हैं. Win-Win में दोनों की आवश्यकता होती है. यह साहस और सूझबूझ के बीचbalance  करने जैसा है.Win-Win को अपनाने के लिए आपको सिर्फ सहानभूतिपूर्ण ही नहीं बल्कि आत्मविश्वाश से लबरेज़ भी होना होगा.आपको सिर्फ विचारशील और संवेदनशील ही नहीं बल्कि बहादुर भी होना होगा.ऐसा करनाकि –courage और  consideration मेंbalance  स्थापित हो, यहीreal maturity  है, और Win-Win  के लिए बेहद ज़रूरी है.
Habit 5: Seek First to Understand, Then to Be Understood / पहले दूसरों को समझो फिर अपनी बात समझाओ.

Communication  लाइफ की सबसे ज़रूरी skill  है. आप अपने कई साल पढना-लिखना और बोलना सीखने में लगा देते हैं. लेकिन सुनने का क्या है? आपको ऐसी कौनसी training  मिली है, जो आपको दूसरों को सुनना सीखाती है,ताकि आप सामने वाले को सच-मुच अच्छे से समझ सकें? शायद कोई नहीं? क्यों?
अगर आप ज्यादातर लोगों की तरह हैं तो शायद आप भी पहले खुद आपनी बात समझाना चाहते होंगे. और ऐसा करने में आप दुसरे व्यक्तिको पूरी तरह ignore कर देते होंगे , ऐसा दिखाते होंगे कि आप सुन रहे हैं,पर दरअसल आप बस शब्दों को सुनते हैं परउनके असली मतलब को पूरी तरह से miss  कर जाते हैं.

 सोचिये ऐसा क्यों होता है? क्योंकि ज्यादातर लोग इस intention  के साथ सुनते हैं कि उन्हें reply  करना है, समझना नहीं है.आप अन्दर ही अन्दर खुद को सुनते हैं और तैयारी  करते हैं कि आपको आगे क्या कहना है,क्या सवाल पूछने हैं, etc. आप जो कुछ भी सुनते हैं वो आपके life-experiences  से छनकर आप तक पहुचता है.

आप जो सुनते हैं उसे अपनी आत्मकथा से तुलना कर देखते हैं कि ये सही है या गलत. और इस वजह से आप दुसरे की बात ख़तम होने से पहले ही अपने मन में एक धारणा बना लेते हैं कि अगला क्या कहना चाहता है.  क्या ये वाक्य कुछ सुने-सुने से लगते है?
“अरे, मुझे पता है कि तुम कैसा feel  कर रहे हो.मुझे भी ऐसा ही लगा था.” “मेरे साथ भी भी ऐसा ही हुआ था.” ” मैं तुम्हे बताता हूँ कि ऐसे वक़्तमें मैंने क्या किया था.”
चूँकि आप अपने जीवन के अनुभवों के हिसाब से ही दूसरों को सुनते हैं. आप इन चारों में से किसी एक तरीके से ज़वाब देते हैं:
Evaluating/ मूल्यांकन:पहले आप judge करते हैं उसके बाद सहमत या असहमत होते हैं.
Probing / जाँच :आप अपने हिसाब से सवाल-जवाब करते हैं.
Advising/ सलाह :आप सलाह देते हैं और उपाय सुझाते हैं.
Interpreting/ व्याख्या :आप दूसरों के मकसद और व्यवहार को अपने experience के हिसाब से analyze करते हैं.
शायदआप सोच रहे हों कि, अपनेexperience के हिसाब से किसी सेrelate करने में बुराई क्याहै?कुछsituations में ऐसा करना उचित हो सकत है, जैसे कि जब कोई आपसे आपके अनुभवों के आधार पर कुछ बतानेके लिए कहे, जब आप दोनों के बीच एकtrust कीrelationship हो. पर हमेशा ऐसा करना उचित नहीं है.
Habit 6: Synergize / ताल-मेल बैठाना
सरल शब्दों में समझें तो , “दो दिमाग एक से बेहतर हैं ” Synergize करने का अर्थ है रचनात्मक सहयोग देना. यह team-work है. यह खुले दिमाग से पुरानी समस्याओं के नए निदान ढूँढना है.
पर ये युहीं बस अपने आप ही नहीं हो जाता. यह एक process है , और उसी process से, लोग अपनेexperience और expertise को उपयोग में ला पाते हैं .अकेले की अपेक्षा वो एक साथ कहीं अच्छाresult दे पाते हैं. Synergy से हम एक साथ ऐसा बहुत कुछ खोज पाते हैं जो हमारे अकेले खोजने पर शायद ही कभी मिलता. ये वो idea है जिसमे the whole is greater than the sum of the parts. One plus one equals three, or six, or sixty–या उससे भी ज्यादा.
जब लोग आपस में इमानदारी से interact करने लगते हैं, और एक दुसरे से प्रभावित होने के लिए खुले होते हैं , तब उन्हें नयी जानकारीयाँ मिलना प्रारम्भ हो जाता है. आपस में मतभेद नए तरीकों के आविष्कार की क्षमता कई गुना बढ़ा देते हैं.
मतभेदों को महत्त्व देना synergy का मूल है. क्या आप सच-मुच लोगों के बीच जो mental, emotional, और psychological differences होते हैं, उन्हें महत्त्व देते हैं? या फिर आप ये चाहते हैं कि सभी लोग आपकी बात मान जायें ताकि आप आसानी से आगे बढ़ सकें? कई लोग एकरूपता को एकता समझ लेते हैं. आपसी मतभेदों को weakness नहीं strength के रूप में देखना चाहिए. वो हमारे जीवन में उत्साह भरते हैं.
Habit 7: Sharpen the Saw कुल्हाड़ी को तेज करें
Sharpen the Saw का मतलब है अपने सबसे बड़ी सम्पत्ति यानि खुद को सुरक्षित रखना. इसका अर्थ है अपने लिए एक प्रोग्राम डिजाईन करना जो आपके जीवन के चार क्षेत्रों physical, social/emotional, mental, and spiritual में आपका नवीनीकरण करे. नीचे ऐसी कुछ activities केexample दिए गए हैं:
 Physical / शारीरिक :अच्छा खाना, व्यायाम करना, आराम करना
 Social/Emotional /:सामजिक/भावनात्मक :औरों के ससाथ सामाजिक और अर्थपूर्ण सम्बन्ध बनाना.
 Mental / मानसिक :पढना-लिखना, सीखना , सीखना.
 Spiritual / आध्यात्मिक :प्रकृति के साथ समय बीताना , ध्यान करना, सेवा करना.
आप जैसे -जैसे हर एक क्षेत्र में खुद को सुधारेंगे, आप अपने जीवन में प्रगति और बदलाव लायेंगे.Sharpen the Saw आपको fresh रखता है ताकि आप बाकी की six habits अच्छे से practice कर सकें. ऐसा करने से आप challenges face करने की अपनी क्षमता को बढ़ा लेते हैं. बिना ऐसा किये आपका शरीर कमजोर पड़ जाता है , मस्तिष्क बुद्धिरहित हो जाता है, भावनाए ठंडी पड़ जाती हैं,स्वाभाव असंवेदनशील हो जाता है,और इंसान स्वार्थी हो जाता है. और यह एक अच्छी तस्वीर नहीं है, क्यों?
आप अच्छा feel करें , ऐसा अपने आप नहीं होता. एक balanced life जीने काअर्थ है खुद कोrenew करने के लिए ज़रूरी वक़्त निकालना.ये सब आपके ऊपरहै .आप खुद को आराम करकेrenew कर सकते हैं. या हर काम अत्यधिक करके खुद को जला सकते हैं . आप खुद को mentallyऔर spiritually प्यार कर सकते हैं , या फिर अपने well-being से बेखबर यूँ ही अपनी ज़िन्दगी बिता सकते हैं.आप अपने अन्दर जीवंत उर्जा का अनुभव कर सकते हैं या फिर टाल-मटोल कर अच्छे स्वास्थ्य और व्यायाम के फायदों को खो सकते हैं.
आप खुद को पुनर्जीवित कर सकते हैं और एक नए दिन का स्वागत शांति और सद्भावके साथ कर सकते हैं.या फिर आप उदासी के साथ उठकर दिन को गुजरते देख सकतेहैं. बस इतना याद रखिये कि हर दिन आपको खुद को renew करने का एक नया अवसरदेता है, अवसर देता है खुद को recharge करने का. बस ज़रुरत है Desire (इच्छा),Knowledge( ज्ञान)और Skills(कौशल) की.

मानव विकास एवं सभ्यता में प्रकाश की भूमिका:
लगभग 5 लाख साल पहले पृथ्वी पर मनुष्य का प्रादुर्भाव हुआ था। मनुष्य के प्रकाट्य एवं उसके अस्तित्व के संरक्षण में प्रकाश ने अहम भूमिका निभाई है। मनुष्य ने अपनी शारीरिक कमजोरी को अपने मष्तिष्क एवं बुद्धि से दूर किया होगा। जंगलों में रहने के लिया गुफाओं का निर्माण, माँसाहारी शक्तिशाली पशुओं से अपनी सुरक्षा एवं सामाजिक विकासको गति देने में किस तरह प्रकाश का सहारा मनुष्य ने लिया होगा इसकी कहानी एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बहुत ही रोमांचकारी है।



4 लाख साल पहले मनुष्य को 'अग्नि', जोकि प्रकाश का मुख्य स्त्रोत है एवं जो दैनिक जीवन एवं उसके विकास क्रम को गति देने वाला घटक है, प्राप्त हुआ था। 4 लाख साल पहले अंतरिक्षीय प्रक्रिया से बिजली गिर कर अग्नि उत्पन्न हुई होगी या वृक्षों की डालियों के आपसी टकराव से या पत्थरों के घर्षण से अग्नि की उत्पति मनुष्य के सामने हुई होगी। इस तरह से अग्नि की प्राप्ति मनुष्य के सामाजिक विकास की रीढ़ बन गई। एक किवदंती प्रचलित है की ग्रीक देवता प्रोमोथिस (Greek God Prometheus) ने ओलम्पस (Olympus) से अग्नि चुरा कर मनुष्य को भेंट की थी।



जलती हुई मशाल एवं अलाव का प्रयोग प्रारंभिक मनुष्य ने कृत्रिम रोशनी के लिए किया होगा। 4 लाख साल पहले पेकिंग मनुष्य ने अग्नि का प्रयोग गुफाओं में शुरू कर दिया था। गुफाओं में अँधेरे से निजात एवं जंगली जानवरों से सुरक्षा शायद अग्नि का प्रथम प्रयोग रहा होगा। मशाल पहला वहनीय प्रकाश स्त्रोत माना जा सकता है। सर्वप्रथम लकड़ियों को इक्कठ्ठा करके मशाल का रूप दिया होगा इस तरह से आग पर नियंत्रण कर मनुष्य सभ्यता के रास्ते पर आगे बढ़ा होगा।



प्रकाश ने ही प्रारंभिक मानव को इक्कठ्ठा कर समूह निर्माण को प्रेरित किया होगा जो कालांतर में कबीले एवं परिवार की सामाजिक रचना का माध्यम बना होगा। जिस समूह का प्रकाश पर जितना नियंत्रण होगा वह समूह उतना ताकतवर एवं श्रेष्ठ माना गया होगा इस तरह से मनुष्य के सामाजिक विकास एवं विस्तार का क्रम शुरू हुआ होगा।



भारतीय सभ्यता में प्रकाश का उद्भव और प्रयोग:
भारतीय संस्कृति विश्व की अनेक पुरातन सभ्यताओं के समकक्ष है। सिंधु घाटी की सभ्यता, मोहन जोदड़ो सभ्यता एवं हड़प्पा सभ्यता के अवशेष बताते हैं कि उस समय के मनुष्य रोशनी के लिए दिए जलाते थे एवं ये दिए चट्टानों, पत्थरों, हड्डियों एवं जानवरों के सींगों के बने होते थे। जानवरों एवं वनस्पतियों की चर्बी का उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता था। प्राचीन समय में दीयों में ईंधन का उपयोग उनकी उपलब्धता पर निर्भर रहता था। जैतून का तेल, सीसम का तेल, मूंगफली का तेल एवं मछली के तेल का प्रयोग ईंधन के रूप में किया जाता था।



भारतीय परम्पराओं में ज्ञान की मीमांसा की दो प्रमुख शाखायें 'समाख्या' एवं 'वैशेशिका' हैं। इनमें प्रकाश के सिद्धांत का वर्णन मिलता है।



'समाख्या' के अनुसार प्रकाश 5 प्रमुख तत्वों में से एक है जो अन्य चार तत्वों से मिलकर मुख्य पिंड का निर्माण करते है जिससे पृथ्वी पर जीवन का प्रादुर्भाव हुआ है।



'वैशेशिका' ज्ञान मीमांसा के अनुसार 'पृथ्वीव्यापस्ते जो वायुराकाशम् कालोदिगात्मा मनः इति दृब्याणि "अर्थात पृथ्वी, पानी, अग्नि, वायु, आकाश, काल, अंतरिक्ष, आत्मा और मन इन नौ द्रव्यों से मिल कर सृष्टि का निर्माण हुआ है। इनमें आकाश, काल, अंतरिक्ष, आत्मा और मन को प्रकाश के संघटक के रूप में प्रतिपादित किया गया है।



प्रकाश की ऐतिहासिक विकास यात्रा:
➤45 अरब साल पहले सूर्य का निर्माण।



➤35 अरब साल पहले प्रथम शैवाल अस्तित्व में आया।



➤25 अरब साल पहले प्रथम जैविक अणु का उद्भव, प्रकाश संश्लेषण की क्रिया प्रारम्भ।



➤5 लाख साल पूर्व पृथ्वी पर मनुष्य का प्रादुर्भाव हुआ।



➤4 लाख वर्ष पूर्व मनुष्य ने अग्नि (Fire) की खोज की।



➤4 लाख वर्ष पूर्व पेकिंग मनुष्य (Peking Human) ने गुफाओं में कृत्रिम रोशनी का प्रयोग किया।



➤28 हज़ार साल पहले हिमयुग (Ice Age) में मनुष्य ने गुफाओं में कृत्रिम रंगों (Artificial Colours) द्वारा चित्रकारी की।



➤15 हज़ार साल पहले चट्टान, पत्थरों, हड्डियों एवं जानवरों के सींगों के बने दीयों का प्रयोग मनुष्य के द्वारा किया गया इनमे ईंधन के रूप में जानवरों एवं वनस्पतियों की चर्बी का उपयोग किया जाता था।



➤7000 वर्ष पूर्व जानवर, पक्षी एवं मछलियाँ जीवित दीयों के रूप में उपयोग में लाये जाते थे। वेस्टइंडीज़ एवं जापान में मिले अवशेषों के आधार पर ये माना जाता है कि यहां पर मनुष्य जुगनुओं को कैद कर कृत्रिम प्रकाश पैदा करते थे।



➤5000 वर्ष पूर्व बेबीलोन (Babylon) एवं मिश्र की सभ्यताओं में प्रकाश का प्रयोग विलासिता के रूप में किया जाने लगा था।



➤4600 वर्ष पहले खड़िया मिटटी के दिए प्रयोग में लाये जाने लगे थे।



➤2500 वर्ष पूर्व बंद दीयों का प्रयोग शुरू हुआ।



➤2300 वर्ष पूर्व अरस्तु (Arastu) जो कि प्लेटो (Plato) के शिष्य थे ने बताया की प्रकश तरंगो के माध्यम से चलता है।



➤2250 वर्ष पूर्व यूक्लिड (Euclid) ने प्रकाश के बारे में सिद्धांत प्रतिपादित किया कि प्रकाश आँख से उत्पन्न होता है एवं सीधी रेखा में चलता है। उनके अनुसार प्रकाश की गति अति तीव्र होती है क्योंकि आँख बंद करने पर दिखाई देना बंद हो जाता है एवं आँख खोलने पर तारे भी तुरंत दिखाई देने लगते हैं।



➤2000 वर्ष पूर्व मिटटी के दीयों का प्रचलन शुरू हुआ।



➤पाइथागोरस (Pythagoras) जो की ग्रीक दार्शनिक थे उन्होंने प्रकाश के आणविक सिद्धांत का समर्थन किया। इस सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक वास्तु लगातार कणों का उत्सर्जन करती है जो हमारी आँखों से टकरा कर उस वास्तु की आकृति का निर्माण करते है।



➤ अलेक्जेंड्रिया में पहले प्रकाश स्तम्भ (Lighthouse of Alexandria) का निर्माण हुआ।



➤बाइबिल के ओल्ड टेस्टामेंट में प्रकाश के बारे में कहा गया है "ईश्वर ने कहा प्रकाश होना चाहिए और प्रकाश हो गया।"



➤प्रथम शताब्दी में प्रकाश के वहनीय स्त्रोत के रूप में सींग से बने कंडील का उपयोग किया जाने लगा।



➤टॉलमी (Talmi) ने बताया की जब प्रकाश वायु से पानी या कांच में प्रवेश करता है तो उसकी किरण मुड़ जाती है।



➤चौथी शताब्दी में मोमबत्ती (Candle) का प्रयोग शुरू हुआ।



➤965 AD से 1039 AD में अरब वैज्ञानिक अल हाजेम (Al-Haytham) ने प्रकाश, दृष्टि, ग्रहण एवं सौरमंडल पर अनेक शोध कार्य किये।



➤1000 AD में अल हाजेम, रोजर बेकन (Roger Bacon) एवं गायवनी (Galvani) ने कैमरा के अविष्कार में महत्वपूर्ण प्रयोग किये।



➤1452 से 1519 तक लियोनार्डो द विंसी (Leonardo di Vinci) ने कैमरे को मनुष्य की आँख के सदृश्य बताया एवं उन्होंने प्रकाश के परावर्तन, अपवर्तन एवं दर्पण पर अनेक शोध कार्य किये।



➤1600 में गैलेलियो (Galileo Galilei) ने टेलिस्कोप (Telescope) का अविष्कार कर आधुनिक खगोल विज्ञान को नया रूप दिया।



➤1642 से 1727 तक इंग्लैंड के वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन (Isaac Newton) ने सूर्य के प्रकाश में सभी रंगों का स्पेक्ट्रम (Spectrum) खोज। 1704 में न्यूटन की पुस्तक 'ऑप्टिक्स' (Optics) प्रकाशित हुई इसमें उन्होंने परावर्तन के सिद्धांत को प्रतिपादित किया है। इस नियम के अनुसार प्रकाश जब एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है तो एक निश्चित कोण पर उसका परावर्तन होता है।



➤ रंग की विवेचना करते हुए न्यूटन ने कहा है की "रंग एक संवेदनशीलता है जो विद्युत चुंबकीय क्रिया के द्वारा आँख तक पहुँचती है जिससे रेटिना प्रकाश के द्वारा उत्तेजित होकर मष्तिष्क तक संकेत पहुँचाती है जिससे हम रंगों को पहचान सकते हैं।"



➤ 1678 में पोलोराइज़्ड प्रकाश (Polarized light) की खोज ह्यूजेन (Huizen) ने की थी। इस प्रकाश में विद्युतचुंबकीय तरंगे एक ही ताल में समाहित होती हैं। इस प्रकाश को प्रवर्तन एवं द्वतीयक अपवर्तन के द्वारा पैदा किया जा सकता है।



➤1778 में सर हम्फ्री डेवी (Sir Humphry Davy) ने इलेक्ट्रिक आर्क (Electric Arc) का अविष्कार किया था।



➤1801 में विल्हम रीटर (Wilhelm Ritter) ने अल्ट्रा वायलेट प्रकाश (Ultraviolet light) की खोज की।



➤1826 में आधुनिक फोटोग्राफी का अविष्कार फ्रेंच वैज्ञानिक जोसेफ नीलोफर (Joseph  Nilofar) ने किया।



➤1850 में स्पेक्ट्रोस्कोप (Spectroscope) का अविष्कार गुस्ताव राबर्ट किरचॉफ (Gustav Kirchhoff) ने किया।



➤1865 में आबर्ट ने खोज की की सूर्य प्रकाश में करीब 1000 वर्ण हैं।



➤1874 में विद्युत प्रकाश का सर्व प्रथम उपयोग 24 जुलाई 1874 को हेनरी वुडवर्ड (Henry Woodward) एवं मैथ्यूज इवांस (Mathew Evans) ने किया था।



➤1875 में जार्ज केरे (Gorg Cere) ने टेलीविज़न के सिद्धांत (Television theory) का प्रतिपादन किया।



➤1879 में एडीसन (Thomas Alva Edison) ने पहला विद्यत लैम्प (Electric lamp) का निर्माण किया जिसमे फिलामेंट का प्रयोग किया गया था।



➤1881 में रुट ने खोज की थी की सूर्य प्रकाश में करीब 2 लाख हल्के रंग एवं छाया (TINT) उपस्थित हैं।



➤1905 में आइंस्टाइन (Albert Einstein) ने प्रकाश की गति को स्थिर बताया था। उनका मानना था की प्रकाश की गति किसी भी परिपेक्ष्य में constant होनी चाहिए। आइंस्टाइन ने कहा था की चूँकि गति स्थान एवं समय का अनुपात होती है इसलिए गति का मान स्थिर रखने के लिए स्थान एवं समय को परिपेक्ष्य के हिसाब से बदलना होता है।



➤1915 में आइंस्टाइन ने सापेक्षता के सिद्धांत (Theory of Relativity) का प्रतिपादन किया।



➤1922 में आइंस्टाइन ने फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव (Photoelectric effect) की खोज की।



➤1969 में अप्रानेट ने कंप्यूटर नेटवर्किंग (Computer Networking) की शुरुआत की।



➤1972 में इलेक्ट्रॉनिक मेल e-mail की शुरुआत हुई।

Most of the important things in the world have been accomplished by people who have kept on trying when there seemed to be no hope at all.
In Hindi: दुनिया की ज्यादातर महत्त्वपूर्ण चीजें उन लोगों द्वारा प्राप्त कि गयीं हैं जो कोई उम्मीद ना होने के बावजूद अपने प्रयास में लगे रहे.
Dale Carnegie डेल कार्नेगी




success-or-failure सफलता असफलता
आपका सही नजरिया आपको सफलता की ओर ले जाता है…

आप असफलता को किस तरह से लेते हैं ?



अपनी बात कहने के लिए मैं आपको एक कहानी सुनाता हूँ।
यह कहानी है तीन average (in academics) students की। संयोग से तीनों ही students class test में बहुत poor perform करते हैं।
पहले student को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। उसे इस बात की थोड़ी सी भी फिक्र या tension नहीं होती।
दूसरा student सोचता है, “मैं तो बहुत ज्यादा बेवकूफ हूँ, मैं जीवन में कुछ भी नहीं कर सकता चाहे कितना भी पढ़ लूँ। मैं पैदा ही मूर्ख हुआ हूँ। इतना पढता हूँ फिर भी हमेशा बेकार मार्क्स आते हैं। ”




जबकि तीसरा student सोचता है, “इस बार मेरे बेकार मार्क्स आयें हैं तो क्या हुआ, मैं अबकी बार बहुत मेहनत करूँगा और सबको first आ के ही दिखाऊंगा, हो सकता है कि भगवान् ने मेरे class test इसलिए ही बेकार करवाए हों कि मैं first आने के लिए inspire हो सकूँ।
अगली बार एग्जाम होता है, पहले दो students fail हो जाते हैं और तीसरा student पहली बार class में टॉप करता है|
यह short and simple स्टोरी हमे बताती है कि कोई केवल समस्या के प्रति अपना नजरिया बदलकर ही कैसे अपनी असफलता को सफलता में बदल सकता है|
William James कहते भी है,

हमारी पीढ़ी की सबसे बड़ी खोज यह है कि इंसान अपना नजरिया बदलकर अपनी ज़िन्दगी सफल बना सकता है।
Napolean Hill ने कहा है ,

हर समस्या अपने साथ अपने बराबर का या अपने से बड़ा अवसर साथ लाती है।
हम में से कुछ लोगों को अपने असफल होने से कोई फर्क नहीं पड़ता जबकि ज्यादातर लोग एक बार असफल होकर अपने प्रति बहुत ज्यादा हीनभावना पैदा कर लेते हैं लेकिन वह यह भूल जाते हैं कि असफल होने के बाद होने वाले दुःख से हमारे अन्दर बहुत ज्यादा एनर्जी आ जाती है (scientifically proven) जिसे हम सफल होने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
IBM के Tom Watson का कहना है, “अगर आप सफल होना चाहते हैं तो अपनी असफलता कि दर दूनी कर दीजिये।” ठोकर खाने के बाद हमे खुद से यह पूछना चाहिए कि हमने इस ठोकर से क्या सीखा? असफलता को ताकत बनाकर सफल होने का गुण हर महान व्यक्ति में दिखता है।
Some examples-
1. इसका बहुत बड़ा उदहारण है Abraham Lincoln। वो 20 साल की उम्र में business में असफल हुए,22 में election हारे , 24 में फिर दुबारा बिज़नेस शुरू किया तो असफल हुए , 26 में पत्नी की मौत से दुखी हुए, 27 की उम्र में इन्हें nervous breakdown हुआ, 34 की उम्र में वह congress का election और 45 में सीनेट का चुनाव हार गए, 47 कि उम्र में वह vice-president नहीं बन पाए और 49 में एक और सीनेट का चुनाव हार गए। 30 साल से भी ज्यादा संघर्ष के बाद और असफलता से निराश न होने के गुण के कारण आख़िरकार Abraham Lincoln 52 साल की उम्र में America के 16th president बने जिन्हें आज भी दुनिया के सबसे बेहतरीन Leader के रूप में याद किया जाता है।
2. 65 साल कि उम्र में Colonel Sanders के पास केवल एक पुरानी कार और 100 डॉलर का चेक था। उन्होंने सोचा कि उन्हें कुछ करना चाहिए। उन्हें अपनी माँ का फ्राइड चिकन बनाने का नुस्खा याद था,और वह उसे बेचने निकल पड़े| उन्होंने अपना पहला order पाने के लिए 1000 से भी ज्यादा दरवाज़े खटखटाए पर वह अंत में सफल तो हुए ही। इसके बाद उन्होंने फ्राइड चिकन का बहुत बड़ा बिज़नेस खड़ा कर लिया, जिसे हम KFC के नाम से जानते हैं| हम में से ज्यादातर लोग 5-6 बार कोशिश करते और कहते हमने तो अपनी पूरी कोशिश की।
3. महानायक अमिताभ बच्चन की आवाज को रेडियो स्टेशन में नौकरी के लिए खराब बताया गया था लेकिन आज उसी रिजेक्टेड आवाज के करोड़ों लोग दीवाने हैं\ सोचिये अगर उस नाकामयाबी से अमिताभ निराश हो जाते तो क्या होता ? कहाँ से मिलता इतना बड़ा नायक ?
4. A.P.J. Abdul Kalam पायलट के test में fail हो गए थे लेकिन एक संत के मार्गदर्शन से उन्होंने अपनी असफलता को ताकत बनाया और कई रूपों में सफल हुए। यदि वह निराश हो जाते तो क्या हमे उनके रूप में इतना बेहतरीन teacher, scientist और President मिल पाता?
5. Jan Koum और Brian Acton जब फेसबुक में नौकरी मांगने गए तो उन्हें न काबिल मानकर रिजेक्ट कर दिया लेकिन बाद में उन्होंने मिलकर WhatsApp found किया। इसी Whatsapp को Facebook ने ही लगभग 95 हज़ार करोड़ रुपयों में खरीद लिया।
नाकामयाब जीवन में कौन नहीं हुआ बस फर्क इतना है कि कामयाब लोग अपनी असफलता को सफलता में बदलना बहुत बेहतर तरीके से जानते हैं। तो friends जब कभी भी आप असफल हों (जो होना स्वाभाविक है) तो निराश न होकर अपनी असफलता को ही अपनी ताकत बनायें। अपने अन्दर बनी दुःख की चिंगारी को तब तक न बुझने न दें तब तक वह सफलता की आग न जला दे।

जो हम सोचते हैं वो हम बन जाते हैं!

एक बड़े ही विख्यात और पहुंचे हुए संत से एक शिष्य ने अपना भविष्य जानना चाहा। वह प्रातः काल ही उनके समक्ष पहुंचा और बोला,” हे गुरुवार, आप तो अन्तर्यामी हैं, कृपा करके बताएं कि मेरा भविष्य कैसा होगा ?”



संत बिलकुल शांत बैठे रहे और अपनी आँखें मूंद लीं, मानो भविष्य में झाँक रहे हों। कुछ समय बीत जाने पर शिष्य ने पुनः वही प्रश्न किया, ” बताइए न गुरुवर मेरा भविष्य कैसा होगा ?”
संत ने आँखें खोलीं और बोले,” मैं तुम्हारा भविष्य एकदम स्पष्ठ देख रहा हूँ, वो जैसा तुम चाहोगे वैसा ही होगा।”
मित्रों, हमारा भविष्य हमारी सोच से निर्मित होता है। हम अपनी सोच से ही जीवन में जीत हासिल कर सकते हैं और हार भी, शिखर पर पहुँच सकते हैं और निराशा के गर्त में भी । सब कुछ हमारी सोच पर ही निर्भर होता है कि आखिर हम चाहते क्या हैं।
बुद्ध कहते हैं –





हम जो सोचते हैं, वो हम बन जाते हैं।
यानि अगर हम अपनी सोच को बदल दें, तो सब कुछ बदल जायेगा।
दुनिया में कुछ ही लोग सम्मान, ख़ुशी, दौलत, समृद्धि, और सफलता क्यों हासिल कर पाते हैं; जबकि अधिकतर लोग एक औसत जीवन ही जी पाते हैं?
इसकी वजह क्या है? ऐसा क्यों होता है?
क्या आप ने कभी इस बारे में सोचा है कि अधिकतर लोगों के पास सफलता, उपलब्धि, दौलत, ख़ुशी यह सब चीजे क्यों नहीं हैं?
क्योंकि  दुनिया में अधिकतर लोग दूसरे की सफलता के बारे में अधिक सोचते हैं, और अपने बारे में कम। जिसकी वजह से वे स्वयं असफल रह जाते हैं। दूसरों के सफलता के बारे में जानना व समझना अच्छी बात है पर अपनी सफलता के बारे में ना सोचना  बुरी बात है।
शायद आप सोच रहे हैं कि अगर सोचने से ही इंसान सफल हो सकता है तो इतने कम लोग सफल क्यों होते हैं ?
क्योंकि अधिकतर लोग सोचते ही नहीं हैँ।
हेनरी फोर्ड कहते हैँ-

सबसे मुश्किल काम है सोचना, शायद यही कारण है कि इसमें इतने कम लोग लगे होते हैं।
हाँ, ये सच है, लोग सोचते ही नहीं!
आप खुद सोचिये कि रोज की आपा-धापी में भागम-भाग में आप अपने सपनो को लेकर कितना सोचते हैं, कितना लिखते हैं ? एकदम ही नहीं या नहीं के बराबर, isn’t it?
दोस्तों, जिस तरह से पृथ्वी के गर्भ में अनेक बहुमूल्य खनिज तत्व छिपे हुए है, जो बाहर से दिखाई नहीं देते, इनके बारे में आसानी से कोई अनुमान भी नहीं लगाया जा सकता कि वे किस जगह पर स्थित है।  इसके बावजूद मनुष्य पृथ्वी के भीतर से उन बहुमूल्य तत्वों को अपने प्रयासों से ढूंढ निकलता है।
ठीक उसी तरह प्रत्येक मनुष्य के मस्तिष्क में अदभुत प्रतिभा का खजाना छुपा हुआ है। बस जरुरत है मस्तिष्क में छिपे उस खजाने का पता लगाने की। जो लोग इस खजाने का पता लगा लेते है, वे कामयाबी की सीढ़ी चढ़ते चले जाते हैं। और जो इस खजाने को यूँही छोड़ देते हैं वे जिंदगी भर हैरान-परेशान से रह जाते हैं।
जॉन मिल्टन कहते है-

मस्तिष्क भी बहुत अदभुत स्थान है , यह स्वर्ग को नर्क में और नर्क को स्वर्ग में बदल सकता है।
मस्तिष्क में छिपे खजाने को तलाश करने के लिए बहुत परेशान होने की जरुरत नहीं होती है। सिर्फ आपकी सोच ही इसे हासिल करवा सकती है। सोच इतनी शक्तिशाली होती है कि अगर इसके साथ लक्ष्य, लगन और प्रबल इच्छा जुड़ जाये तो आप दुनिया की कोई भी वस्तु हासिल कर सकते हैं। आपकी सोच ही आपको  सफलता की  मंजिल  तक ले जाती है। यदि आप के पास सोच नहीं है तो समझ लीजिये आप के पास कुछ नहीं है। सोच के बिना आप उस चीज को हासिल नहीं कर सकते हैं जिसे आप पाना चाहते है।
आपकी सोच आपका विचार , आपका लक्ष्य, आपका  विश्वास ही आपको उस उंचाई तक पंहुचा सकता है जिस उंचाई पर आप पहुंचना चाहते हैं।
जीवन में सफलता पाने का सबसे सरल तरीका है अपनी सोच को सफलता की दिशा में मोड़ना। इसलिए इस बारे में सोचना शुरू करिए, भगवान् की दी हुई इस अद्भुत शक्ति के बेकार मत जाने दीजिये, अपने सपनो को अपनी सोच की शक्ति से सच कर दिखाइए

You can’t learn in school what the world is going to do next year.
In Hindi: दुनिया अगले साल क्या करने जा रही है ये आप स्कूल में नहीं सीख सकते।

Sunday, 21 February 2016

The most valuable thing you can make is a mistake- you can’t learn anything from being perfect.
In Hindi : सबसे मूल्यवान चीज जो आप कर सकते हैं वो है गलती करना – आप परफेक्ट होकर कुछ नहीं सीख सकते।

Your time is limited, so don’t waste it living someone else’s life. Don’t be trapped by dogma – which is living with the results of other people’s thinking. Don’t let the noise of other’s opinions drown out your own inner voice. And most important, have the courage to follow your heart and intuition. They somehow already know what you truly want to become. Everything else is secondary.




In Hindi : आपका समय सीमित है, इसलिए इसे किसी और की जिंदगी जी कर व्यर्थ मत कीजिये. बेकार की सोच में मत फंसिए,अपनी जिंदगी को दूसरों के हिसाब से मत चलाइए. औरों के विचारों के शोर में अपनी अंदर की आवाज़ को, अपने इन्ट्यूशन को मत डूबने दीजिए. वे पहले से ही जानते हैं की तुम सच में क्या बनना चाहते हो. बाकि सब गौड़ है.
Steve Jobs  स्टीव जाब्स
Waiting is painful. Forgetting is painful. But not knowing which to do is the worst kind of suffering.
In Hindi: इंतज़ार  करना  कष्टदायक  है  . भूलना  कष्टदायक  है . लेकिन  ये  ना  जानना  की  इनमे  से  क्या  करें  सबसे  अधिक  कष्ट  पहुंचाने  वाला  है .
Paulo Coelho  पाओलो कोएलो
आर्डिनरी को एक्स्ट्राआर्डिनरी बनाना है तो क्या करना होगा ?



आर्डिनरी में एक्स्ट्रा जोड़ना होगा!
अगर एक ordinary student को extraordinary student बनना है तो उसे extra पढ़ाई करनी होगी ।
अगर एक ordinary player को extraordinary player बनना है तो उसे extra practice करनी होगी ।
अगर एक ordinary sales man को extraordinary sales man बनना है तो उसे extra मेहनत करनी होगी ।




Sportsman of the century का खिताब पाने वाले महान मुक्केबाज Muhammad Ali का कहना है –

मैं ट्रैनिंग के हर एक मिनट से नफरत करता था, लेकिन मैंने कहा, हार मत मानो। अभी सह लो और अपनी बाकी की ज़िन्दगी एक चैंपियन की तरह जियो।
तो क्या आज आप अपना extra देने को तैयार हैं, खुद को train करने के लिए तैयार हैं, extra effort करने पर होने वाले pain को सहने के लिए तैयार हैं ताकि आप अपनी बाकी की ज़िन्दगी एक champion की तरह जी सकें ?
याद रखिये extraordinary बनना talent का खेल नहीं है ये मेहनत का खेल है, ये सुबह 5 बजे उठ कर दौड़ने का खेल है ये रात -रात भर जाग कर पढ़ने का खेल है ये गर्मी -जाड़ा-बरसात हर मौसम में बाहर निकल कर customer से मिलने का खेल है।
दरअसल extraordinary बनना Input का खेल है…अगर input extraordinary होता है तो अपने आप ही output extraordinary हो जाता है।और input देना हमारे अपने हाथ में है, ऐसे में अगर हम अपने हाथ ही बाँध लें और किस्मत को दोष दें तो कुछ नहीं हो  सकता। हमें मुट्ठी कसनी होगी, खुद को तैयार करना होगा…हमें किसी भी कीमत पर ईश्वर के दिए इस जीवन को सार्थक बनाना होगा
You are better off trying something and having it not work and learning from that than not doing anything at all.
In Hindi: बेहतर होगा कि आप कोशिश करें और नाकामयाब हो जाएं और उससे कुछ सीखें बजाये इसके की आप कुछ करें ही नहीं।
Mark Zuckerberg  मार्क जकरबर्ग
Haters are confused admirers who can’t understand why everybody else likes you.
In Hindi: नफरत  करने  वाले  भ्रमित  प्रशंशक  हैं  जो  ये  नहीं  समझ पाते  कि   बाकी  सभी  लोग आपको  पसंद  क्यों  करते  हैं .
Nothing in the world is ever completely wrong. Even a stopped clock is right twice a day.
In Hindi: दुनिया  में  कोई  भी  चीज  कभी  भी  पूरी  तरह  से  गलत  नहीं  होती . यहाँ  तक  की   रुकी  हुई  घड़ी   भी  दिन  में  दो  बार  सही  होती  है .
One is loved because one is loved. No reason is needed for loving.
There is only one thing that makes a dream impossible to achieve: the fear of failure.
केवल  एक  चीज  है  जो  किसी  सपने  का  पूरा  होना  असंभव  बनाती  है  : असफलता  का  डर .

एक बालक ने अपने गुरु से पूछा ‘श्रीमान मैं अपनी बुद्धी का विकास कैसे कर सकता हूँ?’



अध्यापक ने कहा – अभ्यास ही सफलता का मूलमंत्र है।
उस बालक ने इसे अपना गुरु मंत्र मान लिया और निश्चय किया कि अभ्यास के बल पर ही मैं एक दिन सबसे आगे बढकर दिखाऊँगा। बाल्यकाल से अध्यापकों द्वारा मंद बुद्धी और अयोग्य कहा जाने वाला ये बालक अपने अभ्यास के बल पर ही विश्व में आज सम्मान के साथ जाना जाता है। इस बालक को दुनिया आइंस्टाइन के नाम से जानती है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि साधारण से साधारण व्यक्ति भी मेहनत, हिम्मत और लगन से सफलता प्राप्त कर सकता है।